साइबर सेल होने के बावजूद औद्योगिक नगरी की पुलिस ऑनलाइन ठगी पर रोक लगाने में नाकाम साबित हुई है। आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक के बाद प्लास्टिक मनी का इस्तेमाल एकदम से बढ़ गया है। ऐसे में अब ऑनलाइन ठगी की वारदात बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।
पिछले दो साल में हैकिंग के जरिये हुई ठगी की घटनाओं में साइबर सेल एक का भी खुलासा नहीं कर सकी। ऐसे में अब नोटों की तंगी के बीच ऑनलाइन खरीद-फरोख्त, मनी ट्रांजिक्शन कितना सुरक्षित होगा, यह बड़ा सवाल बन गया है।
शहर में पिछले डेढ़ साल के अंदर ऑनलाइन ठगी के 196 मामले जिला पुलिस ने दर्ज किए हैं। इनमें लोगों के खातों से और क्रेडिट कार्ड से करोड़ों रुपये ठगे जा चुके हैं। साइबर क्राइम के इन मामलों को सुलझाने में पुलिस फिसड्डी साबित हुई है। इस तरह की वारदात में छोटी रकम ठगे जाने के ज्यादा मामले सामने आए हैं।