आठ नवंबर को नोटबंदी के तीन माह पूरे होने के बाद अभी तक ग्रेटर नोएडा में बैंकों के एटीएम पर स्थित पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। एटीएम में नकदी आते ही उसके बाहर कतार लग जाती है और जबतक नकदी समाप्त नहीं होती कतार खत्म होने का नाम नहीं लेती।
हालांकि, बैंकों में चेकों से भुगतान में जरूर कतार काफी हद तक कम हुई है। फिर भी हालात यहां भी पूरी तरह सामान्य नहीं है। बुधवार को अमर उजाला टीम ने बैंकों और एटीएम के बाहर हालात का जायजा लिया और कतार में लगे लोगों से बातचीत की।
शाम को ही अधिकतर बैंकों के एटीएम में डाली जा रही नकदी
शहर के एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, यस बैंक में बैंक बंद होने और शाम छह बजे के बाद एटीएम में नकदी डाली जाती है। हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक के एटीएम में दिन में नकदी सुबह या दोपहर में डाली जाती है। ऐसे में नकदी आते ही लोगों की कतार लगने शुरू हो गईं और जबतक कैश खत्म नहीं हुआ तबतक एटीएम के आगे से कतार नहीं हटी।
छात्रों और श्रमिक वर्ग के कारण एटीएम पर लगी रहती हैं कतारें
ग्रेटर नोएडा में बड़ा एजुकेशन हब होने के कारण यहां करीब सवा लाख के आसपास छात्र हैं। वहीं, शहर में बड़े औद्योगिक समूहों और छोटी-छोटी कंपनियों में भी करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रमिक वर्ग रहता है। इनमें से ज्यादातर का बैंक खाता कहीं और होता है और यहां एटीएम से ही पैसे का लेनदेन करते हैं। ऐसे में एटीएम के बाहर छात्रों और श्रमिकों की ही ज्यादातर कतार लगी रहती हैं।