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रिश्वतखोर अफसर को पकड़वाने के लिए इस्तेमाल किए पुराने नोट, उसी पुलिसवाले के लिए मुसीबत बनी नोटबंदी

Sun, 22 Jan 2017 11:13 AM IST
राकेश भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार


रिश्वतखोर अफसर को पकड़वाने वाले पुराने नोट कोर्ट से वापस मिले तो बने मुसीबत
- मेरठ की कोर्ट ने पीड़ित को लौटवाए पचास हजार रुपये, आरबीआई से पुराने नोट बदलने से इंकार कर किया जा रहा है वापस
- इसी तरह देश भर के कोषागारों में बंधे पुलिंदों में नोटों को जारी कराने वाले उठा रहे हैं परेशानी, दर्जनों लोग रोज काट रहे आरबीआई के चक्कर
 
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- फोटो : self
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विस्तार
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अपने अफसर के भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए एक कर्मचारी ने रिश्वत में देकर जो पचास हजार रुपये पकड़वाए थे वही रुपये करीब दो साल बाद उसके लिए मुसीबत बन गए हैं। सहारनपुर निवासी पीड़ित को इस मुकदमे के दौरान जितनी परेशानी उठानी पड़ी उससे ज्यादा परेशानी अब पुराने एक-एक हजार के नोट बदलवाने को लेकर उठानी पड़ रही हैं।
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नोटबंदी के बाद बैंकों में नोटबदली की तिथि निकलने के बाद इन नोटों को बदलवाने से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मना कर दिया है। अब एक सप्ताह से पीड़ित मेरठ कोर्ट व आरबीआई के बीच चक्कर काट रहा है।

गांव अनंत मऊ सहारनपुर निवासी हेम सिंह की गन्ना विकास समिति से क्लर्क के रूप में वर्ष 2013 में सेवानिवृत्ति हो गई थी। आरोप था कि गन्ना विकास समिति सचिव प्रभारी अजय प्रताप सेवानिवृत्ति देय दिलाने के लिए पचास हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है।
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इस मामले की शिकायत हेम सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की और संगठन ने कार्रवाई करते हुए हेम सिंह के दिए एक-एक हजार रुपये के पचास नोटों के साथ अजय को 16 अप्रैल 2015 को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस मुकदमे के चलने के दौरान ही वे ट्रोनिका सिटी, लोनी जिला गाजियाबाद शिफ्ट हो गए।

आठ नवंबर को पांच सौ व हजार रुपये के नोट बंद हो जाने के बाद हेम सिंह को अपने पचास हजार रुपये को लेकर चिंता हुई। उन्होंने अदालत में आवेदन दिया कि पुराने नोट बदलने की तिथि केंद्र सरकार ने 30 दिसंबर 16 जारी की है। ऐेसे में उसे उसके रुपये दिलवाए जाएं ताकि वे उनका उपयोग कर सकें।
 
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आरबीआई में पहुंचे तो हुए निराश

इस संबंध में विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निरोधक संगठन ने सात जनवरी 2017 को यह रुपये हेम सिंह को देने के आदेश सदर मालखाना मेरठ को दिए। यह रुपये 13 जनवरी को हेम सिंह को मिले लेकिन वे जब पिछले शुक्रवार को यह रुपये लेकर आरबीआई पहुंचे तो वहां उन्हें यह रुपये लौटाने की तिथि बीत जाने की बात बताई गई।

इसके बाद संपर्क करने पर मेरठ कोषागार से बताया गया कि आरबीआई में नोट बदलने की तिथि 31 मार्च है। आरबीआई से संपर्क साधने पर कहा गया कि फिलहाल सिर्फ विदेश से आने वाले एनआरआई के नोट ही बदले जा रहे हैं।

नए आदेश आने तक वे उनके नोट नहीं बदल सकते। इसके बाद हेम सिंह तीन बार आरबीआई पहुंचे लेकिन इस बार उन्हें अंदर भी नहीं जाने दिया गया। बाहर ही बताया जाता रहा कि सिर्फ एनआरआई के नोट बदले जा रहे हैं।

हेम सिंह ने फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो उन्हें नया आवेदन देने को कहा गया। हेम सिंह के वकील के अनुसार कोर्ट आरबीआई से इस बाबत जवाब मांगने के बाद ही कोई ऑर्डर जारी हो सकेगा।

दूसरी ओर देश भर के मालखानों से कोर्ट के आदेश के बाद रिश्वत व अन्य मामलों में जब्त पुराने नोटों की सुपरदारी मिलने के बाद पुराने नोटों को नए में बदलवाने वाले रोज-रोज आरबीआई के चक्कर काट रहे हैं।

दर्जनों की संख्या में ऐसे लोग आरबीआई पहुंचते हैं। अकेले मेरठ कोषागार में ही हजारों की संख्या में मामले पड़े हैं। देश भर में स्थित अन्य जिला कोषागारों में भी इसी तरह से लाखों मामले है, जहां पर पुराने नोट दावेदारों को वापस लौटाए जाने हैं।
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