कैश की किल्लत लोगों की दिनचार्या बिगाड़कर रख दी है। बृहस्पतिवार को शहर की विभिन्न बैंक शाखाओं में सुबह से ही कैश की किल्लत बनी रही। दिनभर बैंकों और एटीएम के बाहर खूब शोर शराबा होता रहा।
नोटबंदी के 36 दिन बाद भी लेगों को पर्याप्त कैश नहीं मिल पा रहा है। रेलवे रोड स्थित आंध्राबैंक के बाहर कैश न मिलने से नाराज लेगों ने जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लेगों को समझा बुझाकर बड़ी मुश्किल से शांत कराया। जाम की वजह से आधे घंटे तक रेलवे रोड पर यातायात प्रभावित रहा।
शहर में संचालित हो रहे सभी 298 बैंक शाखाओं में ही सुबह सात बजे से ही कैश निकालने के लिए लाइन लगनी शुरू हो गई। सुबह 10 बजे बैंक खुलने के बाद प्रबंधकों ने बैंक के बाहर पर्याप्त कैश न होने का नोटिस लगा दिया। ऐसे में लोगों ने खूब शोर शराबा किया।
लोगों का कहना है कि सरकार के निर्देश के बाद भी कोई भी बैंक उन्हें 24 हजार देने को तैयार नहीं है। ज्यादातर बैंक बचत खाता धारकों को एक बार में 4-5 हजार से अधिक का भुगतान नहीं कर रहा है। एनआईटी पांच स्थित विजया बैंक, नीलम चौक स्थित एसबीआई, यूको, ओबीसी, समेत आंध्रा बैंक के बाहर लेगों ने खूब शोर शराबा किया। आंध्रा बैंक के बाहर तो लेगों ने कैश न मिलने से नाराज होकर जाम लगा दिया।
यही हाल जवाहर कॉलोनी, नीलम बाटा रोड समेत बल्लभगढ़ न अन्य क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं में रहा। बैंकों के बाहर मौजूद पुलिसकमयों ने बड़ी मुश्किल से लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
साथ नहीं दे रहा एटीएम:
-कहने को तो पूरे जिले में सरकारी और निजी बैंकों के कुल 661 एटीएम लगे हुए हैं लेकिन वह शोपीस बनकर रह गए हैं। क्योंकि सुबह के वक्त कोई भी एटीएम चलता नजर नहीं आता। लीड बैंक मैनेजर दावा करते फिर रहे हैं कि 100 से अधिक एटीएम चल रहे हैं जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। ऐसे में अब लोगों का सब्र धीरे-धीरे जवाब देने लगा है।