दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से गुरुद्वारा शीशगंज साहिब में प्याऊ तोड़ने के खिलाफ व सिख कौम की एकजुटता के लिए विशेष अरदास समागम का आयोजन किया गया। अरदास में गुरुधामों की रक्षा के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। सिख संगत को इस लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा गया।
इस मौके पर प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीक ने कहा कि दिल्ली सरकार को सिखों के साथ भेदभाव की मानसिकता बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिखों को लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सिख दंगों के दौरान सरकारी मशीनरी की शह पर बड़ी संख्या में सिखों को मारा गया।
32 वर्ष से भारत के संविधान में आस्था सिखों ने रखकर कानूनी कानूनी लड़ाई लड़ रहे है। बावजूद सिख देश के साथ खड़े है। सिख हर बात बर्दाश्त कर सकता है पर अपने गुरुधामों पर सरकारी हमला किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर गुरू तेग बहादुर साहिब के शहीदी स्थान को कोई नुकसान हुआ तो उसके नतीजे के तौर पर पैदा होने वाली लड़ाई सरकारों से नहीं संभलेगी। कौम के हितों के लिए कोई भी कानूनी कार्यवाही अपने शरीर पर झेलने को सिख तैयार है।