संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह/तावडू/फिरोजपुर झिरका/पुन्हाना। जिले में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत सोमवार को गौ रक्षा दल और जिला गो संयोजक टीम के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे। नूंह, तावडू, फिरोजपुर झिरका और पुनहाना में एसडीएम के माध्यम से यह ज्ञापन सौंपकर गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग उठाई गई। नूंह में हरियाणा गौ-सेवा आयोग के सदस्य सुरेंद्र प्रताप देशवाल, गौरक्षा दल मेवात के अध्यक्ष बलजीत सिंह उजीना, गौभक्त मास्टर प्रभाती लाल, गोशाला समिति के अध्यक्ष जगदीश भाटी सहित कई पदाधिकारियों ने तहसीलदार नूंह, तावडू में एसडीएम जितेंद्र गर्ग, फिरोजपुर झिरका में एसडीएम लक्ष्मीनारायण तथा पुनहाना में एसडीएम की मार्फत ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को रखा।
गो संवर्धन गतिविधि के जिला संयोजक रतन गोयल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में हरियाणा की पारंपरिक गो-पालन संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गोवंश की भूमिका और सनातन परंपरा में गौमाता के महत्व को विस्तार से बताया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि हरियाणा में देशी गोवंश को पूर्ण संरक्षण दिया जाए और केंद्र सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की सिफारिश भेजी जाए। इसके साथ ही गो-आधारित प्राकृतिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीतियां बनाने की अपील की गई।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि गोवंश केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण जीवन का आधार भी है। उन्होंने अभियान को समाज के जागरूक नागरिकों और संत समाज का व्यापक आंदोलन बताते हुए गोसंरक्षण के प्रति जनजागरण पर जोर दिया।
ज्ञापन में कई ठोस सुझाव भी दिए गए हैं। इनमें प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ‘नंदीशाला’ और जिला स्तर पर कम से कम एक ‘आदर्श गो अभ्यारण्य’ या बड़ी गोशाला की स्थापना अनिवार्य करने की मांग शामिल है, ताकि निराश्रित गोवंश को आश्रय मिल सके। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर निश्चित दूरी पर ‘गो-वाहिनी एम्बुलेंस’ और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को समय पर इलाज मिल सके।
इसके अलावा स्कूली पाठ्यक्रम में ‘गो-विज्ञान’ को शामिल करने, चारा सुरक्षा कानून लागू करने, चारे के औद्योगिक उपयोग पर रोक लगाने तथा गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित करने की मांग भी की गई है। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार गोवंश संरक्षण और गोसम्मान से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाएगी और जल्द ही इन मांगों पर विचार किया जाएगा।