नई दिल्ली। विश्व आईवीएफ दिवस के अवसर पर आयोजित सातवें इंडिया आईवीएफ समिट एंड अवार्ड्स 2026 में जारी राष्ट्रीय श्वेत पत्र में निसंतानता के बढ़ते मामलों को देखते हुए फर्टिलिटी इलाज को अधिक सुलभ, किफायती और सम्मानजनक बनाने की मांग उठी है। इंटीग्रेटेड हेल्थ एंड वेलबीइंग काउंसिल की ओर से जारी रिपोर्ट में फर्टिलिटी उपचार के लिए बीमा सुविधा, सरकारी आर्थिक मदद और कार्यस्थल पर फर्टिलिटी से जुड़े लाभ बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
श्वेत पत्र के अनुसार, भारत में लाखों दंपत्ति निसंतानता से जूझ रहे हैं, लेकिन जागरूकता की कमी, सामाजिक झिझक व उपचार के अधिक खर्च के कारण कई लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते। रिपोर्ट में पांच प्रमुख सुधार सुझाए गए हैं जिनमें जागरूकता बढ़ाना, बेहतर इंश्योरेंस कवरेज, सरकारी योजनाओं में खर्च वापसी की व्यवस्था मजबूत करना, कम आय वालों को आर्थिक सहायता और कंपनियों में फर्टिलिटी लाभ शामिल करना।
श्वेत पत्र में आशा कार्यकर्ताओं, स्कूलों व कार्यस्थलों के माध्यम से सही जानकारी पहुंचाने और पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़े मुद्दों पर भी जागरूकता बढ़ाने की बात कही गई है। ब्यूरो