नवरात्रों में अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने मांग की गई है। करीब 22 हिंदू और सामाजिक संगठनों की गठित संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने इस संबंध में लघु सचिवालय में एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर मीट की दुकानें बंद कराने की मांग की है। ज्ञापन-पत्र गृहमंत्री और मुख्यमंत्री समेत अन्य विभागों को भी भेजा गया है।
रविवार से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हिंदू संगठनों ने मीट की दुकानों पर बंद कराने की मांग की है। उन्होंने शीतला माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों के आसपास बनी मीट की दुकानें और शराब की दुकानों पर स्थाई प्रतिबंध लगाने को कहा है।
संगठनों ने कहा पहले से मीट की दुकानें बंद करने लिए ज्ञापन सौंपा गया है। अगर नवरात्रों में मीट की दुकानें बंद नहीं हुई, तो कड़ा विरोध जताया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में समिति के संयोजक महावीर भारद्वाज, राजीव मित्तल, चेतन शर्मा, अभिषेक गौड़, पूर्व न्यायाधीश अनिल विमल, अजय सिंघल, कुलभूषण भारद्वाज, ब्रहमप्रकाश कौशिक, गौतम सैनी, अश्विनी कुमार, अमित हिंदू, प्रवीण सैनी, विश्वविजय झा, सीता देवी, प्रेम सिंह, बिट्टू, जितेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, मंजीत कटारिया, शरद सिंह सोलंकी, राजेश अवस्थी, संजय ठकराल, सुनील शर्मा, कपिल शर्मा, अमरजीत सिंह, मनोरंजन श्रीवास्तव, डॉ. सुरेश चौहान, अनिल शर्मा, देवेंद्र सिंह, प्रदीप गौतम समित अन्य हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।