मनोज तिवारी और अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद आया सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक दिन पहले ही दिल्ली भाजपा के पूर्वांचल मोर्चा के जबरदस्त प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने नोटिस के जरिए मांग की है कि अरविंद केजरीवाल को अपने बयान पर तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
दरअसल, सीएम केजरीवाल ने दो दिन पहले कहा था कि दिल्ली में एनआरसी लागू हुआ तो सबसे पहले मनोज तिवारी बाहर जाएंगे। इस बयान के बाद से भाजपा के तेवर गरम हैं। इस बयान के लिए भाजपा नेताओं ने सीएम की निंदा की है। पूर्वांचल मोर्चा ने सीएम के आवास के बाहर उग्र प्रदर्शन भी किया था। इस पर काबू पाने के लिए दिल्ली पुलिस को पानी की बौछारों का सहारा लेना पड़ा था।
वहीं, गुरुवार शाम को भाजपा नेता कपिल मिश्रा और नीलकांत बख्शी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ पुलिस आयुक्त को शिकायत दी थी। इन्होंने शिकायत में आरोप लगाया कि केजरीवाल और विधायक सौरभ भारद्वाज शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं और पूर्वांचलियों की भावना से खेल रहे हैं।
प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि मुख्यमंत्री दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचली सहित दूसरे राज्यों से आए लोगों को विदेशी समझते हैं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि एनआरसी लागू होने से बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जो बयान सीएम ने दिया है, उसके लिए उन्हें दिल्ली में रह रहे लाखों पूर्वांचलियों से माफी मांगनी होगी। दिल्ली की जनता मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी आप को विधानसभा चुनाव में करारा जवाब देगी।