-12वीं बोर्ड की अनदेखी नीट पेपर लीक का बड़ा कारण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नीट, जेईई सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को लेकर नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (नीसा) ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग की है। संगठन ने पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय परीक्षा सुधार आयोग के गठन की अपील की है।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में नीसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कुलभूषण शर्मा ने कहा कि 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों की घटती उपयोगिता पेपर लीक जैसी घटनाओं के पीछे प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा के अंकों को महत्व न मिलने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी डमी स्कूलों में दाखिला लेकर कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हो जाते हैं। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले संस्थानों का कारोबार लगातार बढ़ा है और उनका बजट देश के शिक्षा बजट के लगभग बराबर पहुंच गया है।
नीसा के संयुक्त सचिव डॉ. दिलीप मोदी ने कहा कि सीबीएसई की प्रबंध समिति में केवल दिल्ली के स्कूलों को प्रतिनिधित्व मिला हुआ है, जबकि यह एक केंद्रीय बोर्ड है और इसमें सभी राज्यों के स्कूलों की भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने वर्ष 2024 में तैयार की गई कोचिंग गाइडलाइंस अब तक लागू नहीं हो सकी है। यदि इन दिशा-निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ कोचिंग संस्थानों पर भी नियंत्रण लगाया जा सकता है।