तैमूर नगर में रूपेश बसोया को गोली मारने वाला संगम विहार निवासी आकाश महिपालपुर के रोहित चौधरी गिरोह का शार्प शूटर है। खास बात ये है कि रूपेश को गोली मारने के बाद आकाश ने साथियों के साथ हथियारों के दम पर लूट की पांच वारदात को अंजाम दिया था और दो को गोली मारी थी। एक जगह पर तो उसने ताबड़तोड़ पांच राउंड फायरिंग की थी। पुलिस आकाश से पूछताछ करने में लगी हुई है। शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि उसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 30 सितंबर को रूपेश को गोली मारने के बाद आकाश, अजय राठी और सूरज जंगपुरा से चोरी की गई कार से पीतमपुरा गए थे। यहां पर इन्होंने हथियारों के दम पर लूट की दो वारदात को अंजाम दिया। एक जगह पर सोने की चेन व दूसरी जगह पर सोने की चेन व कानों के कुंडल छीने थे।दोनों मामले मौर्या एंक्लेव थाने में दर्ज हैं।
इसके बाद इन्होंने केशवपुरम में कार को छोड़ दिया और ऑटो से महिपालपुर पहुंचे थे। यहां पर ये होटल में ठहरे। अगले दिन 1 अक्तूबर को रात 11 बजे आकाश ने अन्य बदमाश अतुल के साथ घिटोरनी में मीट व्यवसायी को गोली मारी और गल्ला लूट लिया। गल्ले में 42 हजार रुपये थे। गोली व्यवसायी के पेट से रगड़ते हुए निकल गई थी।
2 अक्तूबर को आकाश ने सूरज के साथ महरौली में चड्ढा ढाबा मालिक भूपेन्द्र को गोली मारकर गल्ला लूट लिया। गल्ले में 32 हजार रुपये थे। साथ में मोबाइल व चेन भी लूट ली थी। ढाबे के कर्मचारी जब इन्हें पकड़ने भागे, तो आकाश ने हवा में पांच राउंड गोलियां चलाई थीं। भागते हुए रास्ते में एक युवक से बाइक व चेन लूट ली थी। ढाबा मालिक के यहां आरोपियों का चेहरा सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था। इस फुटेज के आधार पर महरौली पुलिस ने पहले सूरज, फिर अजय राठी व बाद में आकाश को पकड़ लिया। आकाश शराब पीने का आदी है। अजय स्मैक का नशा करता है। तैमूर नगर में ये अजय राठी के लिए स्मैक लेने गए थे। यहां पर स्मैक पहले लेने को लेकर झगड़ा हो गया था। इस बात पर आकाश ने दो राउंड फायरिंग कर दी थी। यहां से ये भाग रहे थे, तो रास्ते में रोकने पर रूपेश को गोली मार दी थी।
चार महीने पहले ही जेल से निकले
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आकाश व सूरज चार महीने पहले ही जेल से बाहर आए थे। इन्होंने महिला की चेन छीनने के दौरान ग्रीन पार्क इलाके में हवा में फायरिंग की थी। गोली किसी को नहीं लगी थी।
होटलों में ठहरता था आकाश
आकाश को ऐशो आराम की जिंदगी जीने का शौक है। वह होटल में ही ठहरता है और वहीं खाता-पीता है। चार महीने पहले जेल से बाहर आने से लेकर अभी तक ये महिपालपुर स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था। उसकी पत्नी संगम विहार में रहती है और गर्भवती है। आरोपी की गर्लफ्रेंड भी है।