फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: जूनियर वकीलों के लिए 6 सीटों पर पूर्ण आरक्षण की मांग खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) के चुनाव में जूनियर वकीलों (10 वर्ष से कम अनुभव वाले अधिवक्ताओं) के लिए 6 सीटों को आरक्षित करने की मांग वाली अपील को सोमवार को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि 100 प्रतिशत आरक्षण संभव नहीं है और यह वकील अधिनियम तथा संविधान के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने अधिवक्ता रमेश चंद्र सिंह की ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए सिंगल जज के फैसले को बरकरार रखा। सिंह, जो 2022 में बीसीडी में नामांकित हुए थे, ने फरवरी 2026 में हुए बीसीडी चुनावों में यह मांग की थी। बीसीडी के कुल 23 सदस्यों के चुनाव में 10 वर्ष से अधिक अनुभव वाले अधिवक्ताओं के लिए 12 सीटें (लगभग 50 प्रतिशत) आरक्षित हैं। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण (5 सीटें) लागू है। शेष 6 सीटों को जूनियर वकीलों के लिए आरक्षित करने की मांग की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन



अदालत ने कहा कि किसी भी स्थिति में अपीलकर्ता द्वारा मांगी गई राहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि बीसीडी की सभी पोस्टों पर पूर्ण आरक्षण संभव नहीं है। 10 वर्ष से अधिक अनुभव वाले अधिवक्ताओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण और महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण को यह अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि शेष 20 प्रतिशत पद जूनियर अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित हैं। ऐसा करना पूर्ण आरक्षण के बराबर होगा, जो वकीलों अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें