फरीदाबाद के बीके अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों की लापरवाही का एक उदाहरण बृहस्पतिवार दोपहर एंबुलेस रूम नंबर 102 के बाहर देखने को मिला। नेहरू कालोनी निवासी बबिता का प्रसव रूम के बाहर हो गया।
प्रसव हो जाने के आधे घंटे बाद भी अस्पताल के किसी डॉक्टर या नर्स ने महिला की सुध नहीं ली। हैरानी की बात है कि 102 नंबर कमरे के साथ ही इमरजेंसी है जहां डॉक्टर मौजूद थे।
बबिता की मां राजेंद्री ने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे उसे दर्द शुरू हो गया। जिसके बाद वह उसे बीके अस्पताल ले आई। डिलीवरी किसी भी समय होने की सूचना जच्चा-बच्चा वार्ड को दे दी गई थी।
लेकिन किसी डॉक्टर ने इस दिशा में काम नहीं किया। काफी देर बाद अस्पताल कर्मचारियों की इस लापरवाही के बारे में परिजनों ने पीएमओ डॉ. किशन कुमार को सूचित किया। तब जाकर उसे वार्ड में ले जाया गया। पीएमओ डॉ. कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। इसके लिए ऑन ड्यूटी नर्स से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।