शरीर में मौजूद करोड़ों कोशिकाएं अपनी उम्र पुरी होने के बाद खुद ही नष्ट हो जाती हैं, जिन्हें हम डेड सेल्स कहते हैं। शरीर के किसी भी हिस्से की कोशिकाओं की स्वत: खत्म होने की क्षमता अगर नष्ट हो जाती है, तो वो खत्म होने की बजाय दो से चार, चार से आठ के हिसाब से बढ़ने लगती हैं। शरीर के जिस अंग की कोशिकाओं में ये दिक्कत आने लगती है, उसी अंग को कैंसर की उत्पत्ति की जगह माना जाता है। जब यह दिक्कत फेफड़ों में होती है तो इसे लंग कैंसर कहते हैं।