पुलिस ने मौके पर पाया कि युवक अचेत अवस्था में पड़ा है। उसे इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महेंद्र ने पुलिस को बताया कि तड़के घर में खटपट की आवाज सुनकर उसकी और घरवालों की नींद खुल गई। कमरे में युवक को देखकर उन्होंने उसे दबोच लिया।
शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और सभी ने उसकी पिटाई कर दी। आरोप है कि लोगों ने युवक के हाथ-पैर बांधकर उसे पीटा। डॉक्टरों ने बताया कि अंदरूनी अंग से खून का रिसाव होने के कारण युवक की मौत हुई है।
पुलिस ने इस बाबत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर मकान मालिक महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सागर का कहना है कि अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने मॉब लिंचिंग से इंकार किया है।
युवक पर कोई मामला दर्ज नहीं
भीड़ द्वारा मारे गए राजेश पर पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजेश को महेंद्र ने अपने कमरे से पकड़ा था। राजेश उसके घर में किस मकसद से गया था, इसकी जांच की जा रही है। हालांकि, शुरुआती जांच के दौरान आरोपी महेंद्र ने राजेश पर चोरी के नीयत से घर में घुसने का आरोप लगाया है। जबकि जांच में पता चला कि मृतक युवक, महेंद्र के घर से कुछ दूरी पर रहता था। पुलिस अधिकारी अन्य लोगों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि उनके बीच कोई विवाद तो नहीं था।