दिल्लीवालों ने बीते दस दिन में शराब पर 70 करोड़ रुपये का विशेष कोरोना टैक्स दिल्ली सरकार को दिया है। वहीं, इस बीच 170 करोड़ रुपये की शराब दिल्ली में बिकी है। लॉकडाउन-3 में सरकार ने 4 मई से सीमित संख्या में शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दी थी।
हालांकि, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने टोकन सिस्टम लागू किया है। दिल्ली आबकारी विभाग के अनुसार, लॉकडाउन-3 में शराब की दुकानें खोलने से लोगों की भीड़ दुकानों पर उमड़ पड़ी थी।
भीड़ से बचने के लिए सरकार ने ई-टोकन सिस्टम शुरू किया। इसके बाद शराब की बिक्री में तेजी से इजाफा हुआ है। 9 मई को सबसे ज्यादा 18.23 करोड़ रुपये की शराब लोगों ने खरीदी। जबकि 8 मई को यह आंकड़ा 15.8 करोड़ रुपये का था।
अधिकारियों का कहना है कि पहले दो दिन 4 और 5 मई को ई-टोकन सिस्टम लागू नहीं था। इस दौरान 5.19 व 4.49 करोड़ की बिक्री हुई थी। इसकी एक वजह दुकानों के सामने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को टूटना बताया जा रहा है।
बड़ी संख्या में लोगों ने शुरुआती दिनों में दिलचस्पी नहीं दिखाई। लेकिन सिस्टम व्यवस्थित होने से खरीदारी में तेजी आई। इस पर कोरोना टैक्स का असर भी बेअसर रहा। खास बात यह कि बीते करीब 10 दिन में दिल्ली में 170 करोड़ रुपये की शराब बिकी है।
इसमें से करीब 70 करोड़ रुपये विशेष कोरोना टैक्स के तौर पर आया है। दिल्ली सरकार लॉकडाउन-4 की गाइडलाइन का इंतजार कर रही है, इसके आधार पर शराब की दूसरी दुकानों को भी खोला जा सकता है।
ऑनलाइन बिक्री के लिए गाइडलाइन का इंतजार
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने अभी शराब की ऑनलाइन बिक्री शुरू नहीं की है। सरकार को अभी लॉकडाउन-4 की रियायतों के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन का इंतजार है। छूट मिलने के बाद 18 मई के बाद इस पर काम करने की योजना है। फिलहाल आउटलेट पर ही ई-टोकन से शराब खरीदने की सुविधा है।