इन लड़कियों की सूचना देने वाली आनंदी ने आयोग को बताया कि वह अपनी बहन के माध्यम से एजेंट के संपर्क में आई थी। आनंदी को भी नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। आनंदी के अनुसार बाद में उन्हें इराक में एक आदमी को बेच दिया गया। इराक में उसने काफी यातनाएं झेली। इराक जाने से पहले उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया। इराक से वह किसी तरह से भागने में सफल हुई।
भारत पहुंचने पर आनंदी ने एजेंट से संपर्क किया। यहां आकर उसे पता चला कि नेपाल से कुछ लड़कियों को लाकर कैद में रखा गया है। भारत-नेपाल बॉर्डर पर मानव तस्करी रोकने के लिए काम करने वाली संस्था को आनंदी ने इस मामले की सूचना दी। आयोग दुष्कर्म मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए आनंदी की मदद भी कर रहा है।
दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि मुक्त कराने के बाद लड़कियों को छावला थाने ले जाया गया। बाद में उन्हें शेल्टर होम भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर मानव तस्करी की जा रही है। भारत केरास्ते नेपाली महिलाओं व लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजा जा रहा है। इस तस्करी को रोकने के लिए भारत व नेपाल को साथ मिलकर इन अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करों को पकडने केलिए कदम उठाने चाहिए।