दिल्ली महिला आयोग ने करोलबाग एसडीएम व दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर पूछा है कि जीबी रोड पर कोठों को कब तक बंद किया जाएगा और इन्हें बंद नहीं करने का कारण क्या है?
वर्ष 2000 से अब तक कोठों को बंद करने के लिए दिल्ली पुलिस और एसडीएम ने क्या कार्यवाही की है, इसकी भी जानकारी मांगी है। 25 जून तक यह जानकारी देने को कहा है।
आयोग ने एसडीएम करोलबाग से कहा है कि उन्होंने अनैतिक मानव तस्करी रोकथाम कानून के तहत कितने कोठे बंद करने का आदेश दिया है। पुलिस ने कितने मामलों में कोठों को बंद करने के लिए एसडीएम को लिखा है।
अभी तक क्या कार्रवाई की गई है। इन्हें बंद करने के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं? यदि कोठों को दोबारा खोला गया तो इसका क्या कारण है? कोर्ट ने किसी कोठे को बंद करने या दोबारा खोलने का आदेश दिया तो उसकी भी प्रति उपलब्ध कराई जाए।
पुलिस से आयोग ने जानकारी मांगी है कि जीबी रोड से कितनी महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को बचाया गया है। कितनी एफआईआर हुई और कितने मामलों मेें एसडीएम को कोठे बंद करने के लिए लिखा गया है।
दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि राजधानी में देह व्यापार का धंधा चल रहा है। आरोप लगाया कि इन कोठो के चलने में पुलिस और दूसरे विभागों की भूमिका संदिग्ध है। गैरकानूनी होने के कारण इन कोठों को बंद किया जाना जरूरी है।