अक्सर चर्चा ने रहने वाले दिल्ली महिला आयोग के निशाने पर इस बार जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर हैं। आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे एक हफ्ते में जवाब मांगा है।
जामिया ने हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों के लिए हाल ही में एक निर्देश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि अगर कोई भी छात्रा रात आठ बजे के बाद हॉस्टल से बाहर रहती है तो उसे प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
आयोग द्वारा जामिया के वाइस चांसल तलत अहमद को भेजे नोटिस में पूछा गया है कि इस तरह की कोई भी गाइडलाइन किसी भी अन्य यूनिवर्सिटी के द्वारा जारी नहीं की गई है।
ऐसा लगता है कि जामिया में भी जो गाइडलाइन जारी की गई है वह सिर्फ लड़कियों के लिए है जबकि हॉस्टल में रहने वाले लड़कों के लिए ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं है। यही कारण है कि संस्थान पर भेदभाव का आरोप लग रहा है।