पांच छह माह पहले उसके चाचा ने काम दिलाने के बहाने दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी में छोड़ दिया। प्लेसमेंट एजेंसी ने उसे मॉडल टाउन में काम पर रखवाया। जहां उसे वेतन नहीं दिया जाता है और उससे मार पीट की जाती है।
बच्ची का मेडिकल करवाने के बाद उसे शेल्टर होम में रखवाया गया। सोमवार को उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश कर उसके बयान पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की गई। स्वाति मालीवाल ने कहा कि आयोग लोगों की जिंदगी बचाने का काम कर रहा है। प्लेसमेंट एजेंसी का धंधा खतरनाक स्तर तक फैल चुका है। आयोग इस धंधे को बंद करवाकर ही दम लेगा।