गोपाल राय ने बताया कि बैठक में अधिकारियों ने पांच साल के वायु प्रदूषण से जुड़े आंकड़े रखे। इनसे पता चलता है कि पीएम 10 व पीएम 2.5 का स्तर इस बीच घटा है। यही नहीं, दिल्ली के प्रदूषण के 13 हॉट स्पॉट पर भी हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। इसकी बड़ी वजह 24 घंटे बिजली की सप्लाई, हरियाली में इजाफा, ईस्ट वेस्ट पेरिफेरल वे का निर्माण व दिवाली पर जागरूकता अभियान रहे हैं।
गोपाल राय के मुताबिक, 2014 में पीएम10 की औसत स्तर 324 था। अगले पांच सालों में इसमें लगातार गिरावट आई। 2019 में यह 230 पहुंच गया। दूसरी तरफ इस बीच पीएम 2.5 का स्तर 149 से घटकर 112 हो गया है। सरकार अगले पांच साल में दिल्ली के वायु प्रदूषण के स्तर में एक तिहाई की कमी लाएगी।
गोपाल राय ने बताया कि मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में वाशिंगटन विश्वविद्यालय के सहयोग से मॉनीटरिंग केंद्र बनाया गया है। मार्च महीने से इसके आंकड़े मिलने लगेंगे। शनिवार को मंत्री स्टेडिय का दौरा करेंगे। वहीं, 22 फरवरी को वह जल बोर्ड की एसटीपी की असर की निगरानी करेंगे। दूसरी तरफ 27 फरवरी को दिन भर विशेषज्ञों व विभागीय अधिकारियों के साथ जन आंदोलन तैयार करने की कार्ययोजना तैयार करने के लिए बैठक करेंगे।
इस दौरान वायु प्रदूषण से निपटने के लिए काम कर रही मल्टी एजेंसियों के लिए एक प्लेटफार्म तैयार करने की योजना तैयार होगी। गोपाल राय के मुताबिक, अगले पांच साल में दो करोड़ पौधे लगाने हैं। इसके लिए 28 फरवरी को डीडीए, एमसीडी, एनडीएमसी समेत इससे जुड़ी सभी एजेसियों के साथ बैठक होगी। जबकि मार्च महीने में दिल्ली सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ इस मसले पर बैठक करने की पहल करेगी।