उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान गोकलपुरी में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में कोर्ट ने मोहम्मद शाहनवाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें शाहनवाज पर दिलबर नेगी की हत्या का आरोप है।
नेगी का शव 26 फरवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद बृजपुरी इलाके में अनिल स्वीट हाउस में क्षत-विक्षत हालत में पाया गया था। इससे पहले कोर्ट ने शाहनवाज को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था।
दिल्ली हिंसा की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने 07 मार्च को दिलबर नेगी नाम के युवक की हत्या के आरोप में शाहनवाज को गिरफ्तार किया था। दिलबर नेगी दिल्ली हिंसा में मारा गया था और इसका शव शिव विहार के अनिल स्वीट हाउस में 26 फरवरी को क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था।
गोकुलपुरी थाना पुलिस ने शाहनवाज के खिलाफ आईपीसी की धारा 147/148/149/302/201/436/427 के तहत एफआईआर दर्ज की है। दिलबर नेगी उन लोगों में से है, हिंसा के दौरान जिनकी हत्या सबसे ज्यादा क्रूरता से की गई थी।
दिलबर नेगी(22) अनिल स्वीट हाउस में वेटर के रूप में काम करता था। दंगाइयों ने अनिल स्वीट हाउस में बुरी तरह तोड़फोड़ कर दी थी। साथ ही उन्होंने दिलबर की हत्या कर उसके दोनों हाथ तक काट दिए थे। दिलबर का शव 26 फरवरी को अनिल स्वीट हाउस के दूसरे फ्लोर पर मिला था।
शाहनवाज पर आरोप है कि उसने साथियों संग मिलकर 24 फरवरी के दिन शिव विहार तिराहा के पास के कई दुकानों में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की। साथ ही कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया। शाहनवाज ने एक बुक स्टोर और मिठाई की दुकान के गोडाउन में घुसकर तोड़फोड़ के बाद दोनों दुकानों को आग लगा दी।
इन्हीं दुकानों में से एक मिठाई की दुकान में काम करने वाले दिलबर सिंह का शव पुलिस को 26 तारीख को मिला था। शव के दोनों हाथ कटे हुए थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने शाहनवाज को 24 फरवरी के दिन भीड़ को भड़काने वाले मुख्य शख्स के रूप में पहचाना है। शाहनवाज 27 साल का है। पुलिस अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
रियासत को भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेजा
कड़कड़डूमा कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के सिलसिले में रियासत अली को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रियासत अली को तीन दिन की पुलिस हिरासत की समाप्ति पर कड़कड़डूमा अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। शनिवार शाम दिल्ली पुलिस ने रियासत को गिरफ्तार किया था।