दिल्ली हिंसा में घायल हुए डीसीपी अमित शर्मा स्वस्थ होने के बाद सोमवार को वापस ड्यूटी पर आ गए। डीसीपी शर्मा 24 फरवरी को गोकलपुरी इलाके में दो गुटों के बीच हुई हिंसा में घायल हो गए थे। उनके साथ गए पुलिसर्मियों ने उनकी जान बचाई थी।
इस मौके पर डीसीपी अमित शर्मा ने कहा कि मैं अपने परिवार और सहयोगियों को समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मुझे खुशी है कि मुझे लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है।
रची गई थी डीसीपी की हत्या की साजिश
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के दौरान डीसीपी अमित शर्मा का हेलमेट उतारने वाली पांचों उपद्रवी महिलाओं की पहचान की गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी पांचों महिलाओं ने हेलमेट उतारकर डीसीपी की भी हत्या की साजिश रची थी। आरोपी महिलाओं ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहन रखा था।
हिंसा के दौरान कांस्टेबल रतनलाल के हत्यारों की पहचान के बाद स्पेशल सेल ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज से हुई थी। कांस्टेबल की हत्या में पकड़े गए आरोपियों से पता चला कि डीसीपी अमित शर्मा की हिंसा के दौरान हेलमेट उतारना महज संयोग नहीं था। हिंसा में शामिल बुर्का पहनी पांच महिलाओं ने डीसीपी को चोटिल करने के लिए उसके सिर से हेलमेट उतारकर फेंक दिया था।
इसके बाद उपद्रवियों ने डीसीपी को गंभीर रूप से चोटिल कर दिया था। इस पूरी साजिश का खुलासा पकड़े गए आरोपियों के अलावा बरामद सीसीटीवी फुटेज से हुआ है।
घटना के पास लगे सीसीटीवी कैमरों से हुई छेड़छाड़
पुलिस का कहना है कि पुलिस वालों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में उपद्रवियों ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे की दिशा बदलने का प्रयास किया था। बरामद फुटेज में एक युवक को साफ तौर पर सुबूत छिपाने का प्रयास करते हुए देखा जा सकता है। पुलिस का दावा है कि आरोपी युवक की भी पहचान हो गई है।