फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली हिंसा को लेकर प्रियंका ने निकाला शांति मार्च, पुलिस के रोकने पर बैठीं धरने पर

Wed, 26 Feb 2020 09:55 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
कांग्रेस का शांति मार्च - फोटो : ANI
विज्ञापन

दिल्ली में आज लगातार चौथे दिन भी हिंसा जारी है। हालांकि आज कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। मगर लोगों में तीन दिन से हो रही हिंसा का डर बना हुआ है। हिंसा को लेकर आज कांग्रेस भी खुलकर समाने आई। पहले तो हिंसा को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने बैठक की। बैठक बाद फैसला किया गया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आज दिल्ली हिंसा का मुद्दा उठाने के लिए राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे।  

विज्ञापन




कुछ समय बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने जानकारी दी कि कांग्रेस को आज एक मार्च आयोजित कर राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौपना था लेकिन पता चला कि आज राष्ट्रपति अनुपलब्ध है और हमें कल के लिए समय दिया गया है। उनका सम्मान रखते हुए हमने मार्च कल के लिए स्थगित कर दिया है। 

विज्ञापन


इसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा सामने आई और उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के लोगों से अपील करती हूं कि वे हिंसा न करें, सावधानी बरतें और शांति बनाए रखें। हमने उत्तर प्रदेश में भी अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे शांति बनाए रखने में मदद करें।



थोडी देर बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में हिंसा को लेकर गांधी स्मृति की ओर 'शांति मार्च' निकाला। प्रियंका गांधी वाड्रा, सुष्मिता देव, केसी वेणुगोपाल और अन्य कांग्रेस नेता भी 'शांति मार्च' में शामिल हुए। पुलिस ने 'शांति मार्च' में भाग ले रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को जनपथ रोड पर ही रोक दिया गया। 

अकबर रोड स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी(एआईसीसी) मुख्यालय से शांति और भाईचारे की अपील करते हुए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सीएए-एनआरसी मामले पर हुई हिंसा से दिल्ली को हुए नुकसान पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। हिंसा और आगजनी में हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए कार्यकर्ताओं से पीड़ितों की मदद करने की अपील की। हिंसा पीड़ितों के घर-घर जाकर उनकी पीड़ा समझें और अमन कायम करने में अपनी भूमिका निभाएं।

प्रियंका गांधी ने कहा कि दिल्ली आपका शहर है, इसे तबाह किया जा रहा है। यहां  दंगा फैलाया जा रहा है। सदियों से हम सब इक्कट्ठे रह रहे हैं। इस शहर में लोग रोजगार की तलाश में काम ढूंढने आते हैं, जो भी आता है उसका स्वागत करते हैं। इसके बाद वह यहां बसता है और अपना घर बनाता है।

ये हमारा शहर है, लेकिन अब आग और नफरत उगल रही है। हम सब एक ऐसी पार्टी के कार्यकर्ता हैं, जिसके जरिए देश को आजादी मिली। हमारा कर्तव्य बनता है कि हम शांति और अमन की बात फैलाएं।

मार्च को अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय से तीस जनवरी मार्ग तक जाना था, लेकिन मार्च को बीच में ही रोक दिया गया।

गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग, कोठी तक पहुंचने से पहले रोक दिए गए

प्रियंका गांधी ने कहा कि हम गृहमंत्री अमित शाह जी के इस्तीफे की मांग करना चाहते हैं। लेकिन उनकी कोठी पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। हम यहां इसलिए आए हैं, क्योंकि ये गृहमंत्री की जिम्मेदारी है कि देश की राजधानी में शांति हो। सरकार की जिम्मेदारी है और इसे निभाने में सरकार असफल रही है। हम चाहते हैं कि सरकार कार्रवाई करे और पूरी तरह शांति कायम करने का प्रयास करे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें