उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार एक आरोपी को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में शनिवार को जमानत दे दी। इस आरोपी को सीएए- एनआरसी के विरोध में हुए दंगों के सिलसिले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था लेकिन पुलिस उसके खिलाफ ठोस साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं कर पाई।
कड़कड़डूमा कोर्ट के जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. सुधीर कुमार जैन ने आरोपी सलमान को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि का जमानती मुचलके की शर्त पर जमानत दी। पुलिस ने आरोपी को इस आधार पर गिरफ्तार किया था कि वह मौके पर अपने घायल होने के संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाया। अगर कोई पुलिस को तत्काल जवाब न दे सके तो उसे इस आधार पर गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा पुलिस द्वारा एफआईआर में दिए गए तर्क के अलावा कोई ठोस सबूत नहीं है। इसलिए आरोपी को जमानत दी जाती है। हालांकि कोर्ट ने सलमान को निर्देश दिया कि वह पुलिस जांच के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगा, बिना कोर्ट की अनुमति के वह शहर से बाहर नहीं जाएगा और दंगे से जुड़े गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा।
दिल्ली पुलिस ने सलमान को फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली के बृजपुरी पुलिया इलाके में दंगे के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी 9 अप्रैल 2020 से न्यायिक हिरासत में था। उसके वकील उस्मान और दीक्षा द्विवेदी ने कहा कि उनके मुवक्किल को झूठे आरोप में फंसाया जा रहा है। वह खुद दंगा पीड़ित है और जब पुलिस ने दंगे में उसके घायल होने का कारण पूछा तो वह डर से पुलिस को कुछ नहीं बता पाया।