नौशाद बताते हैं कि वे कभी एक तो कभी दूसरी खिड़की और डॉक्टर के पास चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। रात एक बजे जब एक महिला डॉक्टर ने देखा तो उन्होंने प्रमिला को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद लाचार नौशाद बृहस्पतिवार को अपनी पत्नी का पोस्टमार्टम कराने के बाद बिहार रवाना हो गया। नौशाद बिहार के किशनगंज जिले का मूल निवासी है। अब उसके पास दो बेटे और एक दिन की बिटिया है।
बाद में मिली एंबुलेंस
बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के दौरान जब नौशाद ने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने का हवाला दिया तो कई लोगों ने उनकी मदद की और दिल्ली सरकार ने घर जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई। नौशाद बताते हैं कि जब उनकी पत्नी को प्रसव पीडा हो रही थी उस समय चारों ओर तबाही मची हुई थी।
उनके घर के बाहर ही पेट्रोल बम फेंके जा रहे थे। वे 20 साल से दिल्ली में रेशम धागे बनाने वाले कारखाने में काम कर रहे हैं। अब उनके पास दिल्ली में कुछ नहीं बचा है। ये कहते ही नौशाद अपनी बिटिया को सीने से लगाकर फफक पड़ा।