पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को जामिया समन्वय समिति के दोनों सदस्यों सफूरा जरगर और मीरान हैदर की न्यायिक हिरासत को 30 दिन के लिए बढ़ा दिया। दोनों को उत्तर- पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से इस मामले में सुनवाई की। इस दौरान सफूरा जरगर और मीरान हैदर दोनों को न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। इस बीच न्यायाधीश ने कहा कि अभूतपूर्व स्थितियों में अभूतपूर्व समाधान की आवश्यकता होती है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए कोर्ट से आग्रह किया। इस पर कोर्ट ने दोनों की न्यायिक हिरासत को 25 जून तक बढ़ा दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 28 मई को होगी।
इस दौरान हैदर और जरगर की ओर से पेश अधिवक्ता अकरम खान और रितेश धर दूबे ने दावा किया कि रिमांड आवेदन को जांच एजेंसी द्वारा गलत तरीके से स्थानांतरित किया गया है। दुबे ने कहा कि जरगर को 10 अप्रैल को पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, वकील खान ने तर्क दिया कि यूएपीए के प्रावधानों को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा अवैध रूप से लागू किया गया है जो कानून के तहत ऐसा करने की शक्ति नहीं रखता है। इस पर अदालत ने कहा कि जब तक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मामले की जांच नहीं कर लेती, तब तक यह जांच जारी रखने के लिए थाने के प्रभारी अधिकारी का कर्तव्य होगा।