इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने मंगलवार को कोरोना जांच के मूल्य की अधिकतम सीमा को हटा लिया है। लेकिन इसके बाद भी राजधानी के अधिकांश बड़े अस्पतालों ने कोरोना टेस्ट का मूल्य नहीं बढ़ाया है।
राजधानी में कोरोना टेस्ट के परिणाम देरी से आने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई अस्पतालों में मरीजों को इसके लिए तीन से चार दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
कोरोना जांच में हो रही देरी के सवाल पर दिल्ली के स्वास्थ्यमंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राजधानी में पूरे देश में सबसे ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं।
नोएडा के कुछ सेंटरों से रिपोर्ट के देर से आने की शिकायतें मिली थीं, लेकिन इससे निबटने की कोशिश की जा रही है।
स्वास्थ्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोरोना टेस्ट करने वाले सेंटरों की संख्या भी बढ़ाने पर विचार हो रहा है। प्राइवेट अस्पतालों के साथ जुड़ने से भी जांच और उपचार में व्यवस्था बेहतर बनेगी।