पूर्वोत्तर दिल्ली हिंसा मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट में शाहरूख (जिसने हेड कांस्टेबल दीपक दहिया और अन्य लोगों पर गोली चलाई थी), कलीम अहमद और इश्तियाक मल्लिक के खिलाफ पुलिस ने पहली चार्जशीट दायर की है।
फरवरी महीने में उत्तर पूर्वी जिले के जाफराबाद इलाके में हुई हिंसा के दौरान पुलिसकर्मी पर खुलेआम पिस्तौल तानने वाले मोहम्मद शाहरुख पठान को क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के शामली से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद पूछताछ में आरोपी ने बताया कि प्रदर्शन और पथराव के दौरान तैश में आकर उसने फायरिंग की थी। उसने पिस्तौल मुंगेर से खरीदी थी।
हालांकि इससे पहले उसने दूसरे समुदाय के लोगों पर तीन राउंड फायरिंग की थी। पिस्तौल तानते हुए फोटो वायरल होने के बाद वह कनॉट प्लेस में जाकर छिप गया था और वहीं एक पार्किंग में उसने रात गुजारी। तलाश तेज होने पर वह दिल्ली से जालंधर भाग गया और वहां से बरेली और फिर शामली पहुंचा। पूछताछ में उसने बताया कि उसे मॉडलिंग का शौक है और वह टिक टॉक पर वीडियो बनाता था। उसने एक म्यूजिक एलबम भी बनाई है।
कोरोना का हवाला देकर लगाई थी जमानत याचिका
उत्तर-पूर्वी जिलें हिंसा के दौरान कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने के आरोपी शाहरुख ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। शाहरुख ने जेल में कोरोना संक्रमण होने के खतरे का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई थी।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की एकल पीठ ने उसकी याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। पीठ के समक्ष वकील असगर खान और अब्दुुल ताहिर खान ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में दो दिन की देरी की गई और वह एक महीने से ज्यादा समय से जेल में है। उन्होंने कहा कि जेल में कैदियों की संख्या ज्यादा होने के कारण शाहरुख को कोरोना संक्रमण का खतरा भी है। इसलिए उनके मुवक्किल को जमानत दी जाए।
उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में 23 और 24 फरवरी को उत्तर पूर्वी जिले में हिंसा हुई थी। इस दौरान जाफराबाद-मौजपुर इलाके में लोगों को भड़काने और हलवदार पर पिस्तौल तानने के आरोपी शाहरुख को यूपी के शामली से 3 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।