उन्होंने लिखा था कि ओवैसी मुझे गाली दे रहा है, बरखा, राजदीप, अभिसार, कापड़ी, जावेद अख्तर सब कपिल मिश्रा को गाली दे रहे हैं। मुझे हत्या की धमकियां दी जा रही हैं। मेरा गुनाह हैं कि मैंने आतंक की आंखों में आंख डालकर सच बोलने का साहस किया। उन्होंने कहा कि आतंकियों से सुहानुभूति रखने वाले मुझसे नफरत कर रहे हैं।
हिंसा से नहीं निकलता कोई हल : गौतम गंभीर
वहीं, भाजपा नेता और सांसद गौतम गंभीर का भी बड़ा बयान आया। पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने हिंसक प्रदर्शन करने वालों और भड़काऊ भाषण देने वालों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि हिंसा से किसी भी बात का हल नहीं निकलता।
किसी भी मुद्दे का हल सिर्फ बातचीत से ही निकलता है। सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। भाजपा नेता कपिल मिश्रा के भड़काऊ भाषण के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा नेता हों या आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के नेता, इस तरह का काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अब किसी पार्टी का मुद्दा नहीं रह गया है, ये पूरी दिल्ली का मुद्दा है। कपिल मिश्रा पर जो भी कार्रवाई होगी, मैं उसका समर्थन करता हूं। गौतम गंभीर पटपड़गंज स्थित मैक्स हॉस्पिटल में हिंसा में गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मियों से देखने पहुंचे थे।
गंभीर ने आगे कहा कि प्रदर्शन को हिंसा का रूप देने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी करवाई होनी चाहिए। हिंसा दिल्ली की पहचान नहीं है। हम सब हमेशा से प्यार और शांति के साथ रहते आए हैं। गौतम गंभीर ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि ये हिंसा सुनियोजित है।
जब तक शाहीन बाग में शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, हम कह रहे थे कि आपके पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन आप सुनियोजित तरीके से दुनिया में ये संदेश देना चाहते हैं कि दिल्ली असुरक्षित है, यहां हिंसा हो रही है।