दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने किसान हिंसा मामले में जांच शुरू कर दी है। हालांकि, एक भी किसान नेता शुक्रवार को तफ्तीश शामिल नहीं हुआ। दिल्ली पुलिस ने छह किसान नेताओं को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए कहा था। किसान नेताओं के न आने पर पुलिस ने व्यक्तिगत रूप से पुलिसकर्मियों को किसान नेताओं के पास भेजा। नेताओं को व्हाट्सएप पर भी मैसेज किया गया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। उन्हें शनिवार को पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा गया है।
अपराध शाखा के अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय थाना पुलिस से गाजीपुर, नांगलोई और लालकिले पर हुई हिंसा केस की फाइलें शुक्रवार को मिल गईं। दिल्ली पुलिस ने एक पंपलेट जारी कर स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर उन्होंने किसी घटनास्थल का वीडियो व फोटो खींचे हैं या सीसीटीवी फुटेज हैं तो दिल्ली पुलिस को उपलब्ध कराया जाए। हिंसा मामले में दर्ज हुई कुल 33 एफआईआर में से नौ केसों की जांच अपराध शाखा व हिंसा की आपराधिक षड़यंत्र व देशद्रोह मामले की जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केस फाइल मिलते ही अपराध शाखा की टीमों ने जांच शुरू कर दी हैं। गाजीपुर प्रदर्शन स्थल पर शुक्रवार को रोहिणी स्थित फोरेंसिक टीम को बुलाया गया था। टीम ने गाजीपुर पहुंचकर काफी सैंपल एकत्रित किए हैं। सड़क से वाहनों के टायर के निशाना उठाए गए हैं कि रफ्तार कितनी थी और किस तरीके के वाहन थे। फोरेंसिक टीम यहां पर करीब दो घंटे रहे। इसके बाद टीम लाल किले पहुंची। फोरेसिंक टीम ने बृहस्पतिवार को उत्तम नगर पहुंचकर वहां कुछ सैंपल एकत्रित किए थे। शाम तक कुछ केसों की फाइल स्थानीय थाना पुलिस से अपराध शाखा को नहीं मिली थी।