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दिल्ली: विकासपुरी के अस्पताल में लगी आग, दमकलकर्मियों ने जान पर खेलकर बचाई 31 मरीजों की जान...

Wed, 05 May 2021 06:06 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के विकासपुरी के यूके नर्सिंग होम में मंगलवार रात भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते पूरे अस्पताल में धुआं भर गया। ऐसे में मरीजों और स्टाफ की जान पर बन आई।
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यूके नर्सिंग होम - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली के विकासपुरी के यूके नर्सिंग होम में मंगलवार रात भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते पूरे अस्पताल में धुआं भर गया। ऐसे में मरीजों और स्टाफ की जान पर बन आई। सूचना मिलते ही दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने अस्पताल के स्टाफ के साथ मिलकर 31 मरीजों को अस्पताल से सुरक्षित निकाला।

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आईसीयू में भर्ती तीन मरीजों को निकालकर नजदीकी कालरा अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अस्पताल में 17 कोविड मरीजों के अलावा बाकी सामान्य मरीज भर्ती थे। इन सभी को पास के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनका इलाज शुरू किया गया। देर रात करीब पौने दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है।

विकासपुरी थाना पुलिस मामला दर्ज कर आग के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। शुरूआती जांच के बाद पता चला है कि पहली मंजिल पर बने स्टोर में शॉर्ट सर्किट से आग लगी और बाकी जगहों पर फैल गई। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है।
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दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि देर रात करीब 11.00 बजे सूचना मिली कि एम-1 विकासपुरी में यूके नर्सिंग होम में आग लग गई है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियों को मौके पर रवाना कर दिया गया।

दमकल विभाग के एडीओ भूपेंद्र प्रकाश वहां पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि अस्पताल के 50 स्टाफ के अलावा कुल 31 मरीज अस्पताल में मौजूद थे। करीब 450 गज में बने अस्पताल में बेसमेंट के अलावा तीन मंजिल और बनी हुई थी।

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अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि आग पहली मंजिल पर बने स्टोर से लगी और बाकी जगह फैल गई। करीब 30 से अधिक दमकल कर्मियों को काम पर लगाया गया। एक ग्रुप को आग पर काबू पाने में लगाया गया। जबकि बाकी लोगों को मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम सौंपा गया। मरीजों में 17 कोविड पॉजिटिव मरीज भी थे। उनको निकालना चुनौती था। अस्पताल में धुंआ भरता जा रहा था। दमकल कर्मियों ने अंदर घुसकर अस्पताल के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए।

इसकी वजह से खिड़की के रास्ते धुंआ बाहर निकलने लगा। बाद में ग्राउंड फ्लोर पर बनी आईसीयू से छह मरीजों को निकाला गया। इनमें से तीन मरीजों को एंबुलेंस की मदद से कालरा अस्पताल, मोती नगर शिफ्ट कर दिया गया। करीब पौने दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल कर्मियों ने 31 मरीजों के अलावा 50 से अधिक स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला।

दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग पर 45 मिनट में ही काबू पा लिया गया था, लेकिन बिल्डिंग में धुंआ भरने की वजह से बचाव कार्य में दिक्कत हो रही थी। फिलहाल मरीजों के अलावा बाकी लोगों के सुरक्षित बचने पर अस्पताल प्रशासन के अलावा बाकी लोगों ने राहत की सांस ली है।
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