अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि आग पहली मंजिल पर बने स्टोर से लगी और बाकी जगह फैल गई। करीब 30 से अधिक दमकल कर्मियों को काम पर लगाया गया। एक ग्रुप को आग पर काबू पाने में लगाया गया। जबकि बाकी लोगों को मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम सौंपा गया। मरीजों में 17 कोविड पॉजिटिव मरीज भी थे। उनको निकालना चुनौती था। अस्पताल में धुंआ भरता जा रहा था। दमकल कर्मियों ने अंदर घुसकर अस्पताल के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए।
इसकी वजह से खिड़की के रास्ते धुंआ बाहर निकलने लगा। बाद में ग्राउंड फ्लोर पर बनी आईसीयू से छह मरीजों को निकाला गया। इनमें से तीन मरीजों को एंबुलेंस की मदद से कालरा अस्पताल, मोती नगर शिफ्ट कर दिया गया। करीब पौने दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल कर्मियों ने 31 मरीजों के अलावा 50 से अधिक स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला।
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग पर 45 मिनट में ही काबू पा लिया गया था, लेकिन बिल्डिंग में धुंआ भरने की वजह से बचाव कार्य में दिक्कत हो रही थी। फिलहाल मरीजों के अलावा बाकी लोगों के सुरक्षित बचने पर अस्पताल प्रशासन के अलावा बाकी लोगों ने राहत की सांस ली है।