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नोएडा-गाजियाबाद से आने वाली नर्सों को बॉर्डर पर रोका, गृहमंत्री को पत्र लिखकर दखल देने की मांग

Wed, 22 Apr 2020 01:26 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यूपी गेट पर लगी वाहनों की लंबी कतारें - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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दिल्ली के अस्पतालों में काम करने वाले अनेक डॉक्टर, नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मी नोएडा-गाजियाबाद जैसे आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं। लेकिन दिल्ली से नोएडा-गाजियाबाद की सीमा सील कर दिये जाने के बाद इन स्वास्थ्यकर्मियों को दिल्ली बॉर्डर पर ही रोका जा रहा है, जिससे इन्हें अपनी डूयूटी निभाने में परेशानी हो रही है। स्वास्थ्यकर्मियों ने इस विषय पर गृहमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन की अध्यक्ष अनिता पवार ने अमर उजाला से कहा कि गाजियाबाद और नोएडा में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद मंगलवार शाम को इनकी दिल्ली से लगने वाली सीमा को सील कर दिया गया।

इससे शाम के समय ड्यूटी कर वापस जाने के समय उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों के पास देखने के बाद भी पुलिस ने उनके आने-जाने पर रोक लगाई।
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सार्वजनिक वाहन न होने के कारण कई स्वास्थ्यकर्मी डॉक्टरों-नर्सों को उनके परिवार के लोग अस्पताल तक छोड़ते हैं। आने के समय डॉक्टरों के कार्ड देखकर उन्हें आने की अनुमति मिल गई, लेकिन वापसी के समय इन्हें जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे भी स्वास्थ्यकर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अनेक स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बसों की सुविधा भी नहीं मिल पाई है। नर्सों का आरोप है कि जिन मामलों में बसें उपलब्ध भी कराई गई हैं, उन्हें दिल्ली के बॉर्डर के अंदर तक ही आने-जाने की अनुमति है।

इसलिए बाहर रहने वाली नर्सों को अपने स्तर पर किसी तरह बॉर्डर तक आना पड़ता है और इसके बाद ही उन्हें बसों की सुविधा मिल पाती है। किसी कारण से जरा सी भी देर होने पर उनके सेवा पर न पहुंचने का खतरा बना रहता है।
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नर्सों ने गृहमंत्री और स्वास्थ्यमंत्री से इस मामले में दखल देकर आवागमन की सुविधा सुलभ बनाने की मांग की है जिससे वे निर्बाध रुप से अपनी सेवाएं दे सकें।      

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