दिल्ली विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) विद्यार्थियों को उद्मी बनाने के साथ इंडस्ट्री लगाना भी सिखाएगा। सोया प्रोडक्ट, प्लांट प्रोटीन विषयों के कौशल में निपुण करने से पहले एसओएल उनके लिए जागरूकता उत्पन्न करेगा। इसके लिए जल्द ही जागरूकता प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा।
दरअसल, एसओएल विद्यार्थियों को विभिन्न कौशलों का विकास करने में लगा है। इसी कड़ी में कई तरह के कौशल विकास वाले कोर्सेज भी शुरू किए जा रहे हैं। अब एसओएल के ओपन लर्निंग डेवलपमेंट सेंटर के तहत सेंटर फॉर इनोवेटिव स्किल आधारित सेंटर शुरू किया गया है। इसके तहत कई कौशल आधारित कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। जल्द ही इसके अंतर्गत सोया प्रोडक्ट और प्लांट प्रोटीन फूड कोर्स शुरू करने की तैयारी की जा रही है। एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि अब इन दोनों कोर्सेज के लिए छात्रों को तैयार करेंगे। वीगन फूड की इंडस्ट्री बहुत बड़ी है। इसकी समझ विकसित होना जरूरी है। यह छात्रों को पता होना चाहिए कि प्लांट प्रोटीन को कैसे प्रोसेस किया जा सकता है।
प्रो. मागो ने कहा कि ऐसे में इन कोर्सेज को शुरू करने से पहले इनके लिए जागरूकता कार्यक्रम शुरू करेंगे। 15 दिन के भीतर इस कार्यक्रम को आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत विशेषज्ञों से बताया जाएगा कि कैसे वह इंडस्ट्री को लगा सकते हैं, कैसे वह सफल उद्यमी बन सकते हैं, मांसाहारी खाने का विकल्प कैसे शाकाहारी भोजन है, कैसे नए प्रोडक्ट बनाकर उन्हें मार्केट में उतारा जा सकता है। जब इन सब का छात्रों को पता होगा तो वह इन कोर्सेज को करने में रूचि भी दिखाएंगे। मालूम हो कि स्किल एन्हांसमेंट कोर्सेज के तहत भी उन्हें सिल्क बनाना, रेशम कीट पालन, मछली पालन, लाख बनाना, मशरूम की खेती, बोनसाई तैयार करने जैसे कौशल सिखाए जा रहे हैं। जिनसे वह ना केवल विभिन्न क्षेत्रों में प्लेसमेंट पाने में सक्षम हो सकेंगे। बल्कि स्वयं का व्यवसाय-उद्यम स्थापित करने में भी सक्षम होंगे।
ब्रिज कोर्स कर चार वर्षीय यूजी डिग्री प्रोग्राम में दाखिला ले सकेंगे तीन वर्षीय डिग्री वाले छात्र
तीन वर्षीय स्नातक डिग्री वाले छात्र भी अब चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में दाखिला ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें ब्रिज कोर्स करना होगा। इस कोर्स का मकसद तीन वर्षीय से चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में शिफ्ट होने वाले छात्र की पढ़ाई के गैप को दूर करना है। यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, अभी तक 200 से अधिक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री प्रोग्राम और नये सिलेब्स से पढ़ाई को मंजूरी दे दी है।
खास बात है कि अगस्त के तीसरे हफ्ते तक नया सत्र शुरू होने तक अन्य विश्वविद्यालय भी एनईपी के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री प्रोग्राम में पढ़ाई को मंजूरी दे देंगे। उन्होंने बताया कि ब्रिज कोर्स करना है या नहीं, इसका फैसला चार वर्षीय यूजी डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवाने वाला विश्वविद्यालय करेगा। दरअसल, तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम और चार वर्षीय यूजी डिग्री प्रोग्राम के सिलेब्स अलग है। ऐसे में पहले यह देखा जाएगा कि छात्र सीधे चार वर्षीय यूजी प्रोग्राम में शिफ्ट होगा या फिर ब्रिज कोर्स पढ़ाई के गैप को दूर किया जाए। यह ब्रिज कोर्स ऑनलाइन भी किया जा सकता है।