दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू ) चुनाव में जीत के लिए कई दिनों से पसीना बहा रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो जाएगा। डूसू चुनाव के लिए मतदान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे शुरू चुका है और एक बजे तक चलेगा। जबकि सांध्य कॉलेजों में मतदान दोपहर तीन बजे से शाम 7:30 बजे तक किया जाएगा। डीयू प्रशासन ने मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। कैंपस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
डूसू चुनाव में इस साल कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें अध्यक्ष की रेस में सबसे अधिक 7 उम्मीदवार, उपाध्यक्ष पद पर पांच, सचिव व सह सचिव पद पर 4-4 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव में इस बार करीब डेढ़ लाख छात्र मताधिकार का प्रयोग करेंगे। डूसू व कॉलेज यूनियन चुनाव में मतदान के लिए 1000 ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि 300 सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट रहेंगी। वहीं, 8-10 कॉलेजों के छात्रसंघ चुनाव में बैलेट पेपर के जरिये मतदान कराया जाएगा। मतदान के तुरंत बाद ही सभी मशीनें सील कर दी जाएंगी। मतगणना शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे शुरू होगी और दोपहर तक चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के आसपास आज डूसू चुनाव के कारण ट्रैफिक जाम की आशंका है। प्रभावित मार्गों में वसंत गांव रेड लाइट से आरटीआर टी-पॉइंट तक आरटीआर मार्ग और मोती बाग से धौला कुआं तक रिंग रोड शामिल हैं। यातायात को नियंत्रित करने और असुविधा कम करने के लिए अतिरिक्त यातायात कर्मी तैनात किए गए हैं। यात्रियों को पहले से योजना बनाने और अतिरिक्त यात्रा समय देने की सलाह दी गई है। उन्हें मौके पर मौजूद यातायात कर्मियों के निर्देशों का भी पालन करना चाहिए। यातायात हेल्पलाइन नंबर 1095 है।
मतदान के दिन कैंपस के बाहर आज भी प्रचार
विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के बाहर अब भी चुनाव प्रचार जारी है।अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में छात्र जुटे हैं। राहगीरों और छात्रों के बीच प्रचार करते नजर आ रहे हैं। डूसू चुनाव को लेकर कैंपस के बाहर भी प्रचार का दौर लगातार जारी है।
कॉलेज आईडी के बिना नहीं मिलेगा प्रवेश
मतदान के लिए छात्रों को कॉलेज की वैध आईडी दिखानी होगी। इस साल 9 सितंबर तक दाखिला ले पाए छात्र आई कार्ड न होने की सूरत में फीस स्लिप और अपनी किसी सरकारी आईडी दिखाने पर वोट कर सकेंगे। वहीं दूसरे व तीसरे वर्ष के छात्र आई कार्ड या सरकारी आईडी दिखाने पर मतदान कर सकेंगे। जिन छात्रों को कॉलेज या विभाग की ओर से आईडी कार्ड जारी नहीं किया गया है उन्हें सरकारी पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड और फीस रसीद के भौतिक सत्यापन के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
हिंसा की घटनाओं के बाद सुरक्षा और कड़ी
चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में कुछ स्थानों पर हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि मतदान और मतगणना के दौरान कॉलेजों के बाहर 1000 से 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात से ही कैंपस में मोर्चा संभाल लिया। स्थानीय पुलिस के अलावा अतिरिक्त पुलिस कंपनियों की भी तैनाती होगी। कॉलेज परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।