डीएसईयू की कुलपति प्रो. डॉ. निहारिका वोहरा ने कहा कि डीएसईयू फेस द वर्ल्ड जैसे पाठ्यक्रम शुरू करके अपने छात्रों को रोजगार योग्य बनाने के लिए काम कर रहा है। इसमें डिजिटल कौशल, संचार कौशल और वित्त संबंधी साक्षरता शामिल है।
दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विवि (डीएसईयू) अब नौकरी ढूंढने की प्रक्रिया सिखाएगा। विवि ने रोजगार के अवसरों तक युवाओं की पहुंच बनाने तथा नौकरी के लिए तैयार करने के लिए यूनिसेफ के युवाह (जेनरेशन अनलिमिटेड इंडिया) के साथ हाथ मिलाया है। इस संयुक्त प्रयास के तहत विवि एवं यूनिसेफ ने डीएसईयू में पढ़ रहे छात्रों के लिए कॅरियर जागरूकता सत्र शुरू किया है।
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इस सत्र को शुरू करने का उद्देश्य छात्रों को मौजूदा जॉब पोर्टल के बारे में अधिक जागरूक बनाना एवं उनके कौशल के अनुसार सबसे उपयुक्त नौकरी को पहचानने में मदद करना है। इस जागरूकता वेबिनार में जॉब पोर्टल, आवेदन प्रक्रिया, पोर्टल के नेविगेशन के विषय में जानकारी दी जाएगी। डीएसईयू की कुलपति प्रो. डॉ. निहारिका वोहरा ने कहा कि डीएसईयू फेस द वर्ल्ड जैसे पाठ्यक्रम शुरू करके अपने छात्रों को रोजगार योग्य बनाने के लिए काम कर रहा है। इसमें डिजिटल कौशल, संचार कौशल और वित्त संबंधी साक्षरता शामिल है। यह पायलट कार्यक्रम प्रतिभागी छात्रों को मौजूदा सरकारी एवं प्राइवेट पोर्टल का उपयोग करना व नौकरी की खोज के तरीके सिखाने में मदद करेगा। यहां बॉयोडाटा बनाना, कौशल के हिसाब से प्रासंगिक नौकरियों की खोज करना, पोर्टल पर प्रोफाइल बनाना तथा साक्षात्कार की तैयारी करना सिखाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यूनिसेफ एवं डीसईयू के साथ पायलट अध्ययन में 18 से 29 वर्ष की आयु वर्ग के 1000 युवाओं को शामिल किया जाएगा। यह कार्यक्रम 20 जुलाई से डीएसईयू शकरपुर परिसर में शुरू होगा। युवाह-यूनिसेफ के सीओओ अभिषेक गुप्ता ने कहा कि आशा है कि नौकरी चाहने वाले युवाओं को इस साझेदारी से रोजगार के सही अवसरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।