दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में पढ़ाई पूरी तरह से हाईटेक होगी। डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। एसओएल एक लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम तैयार कर रहा है जिससे छात्रों को लिखित पाठ्य सामग्री, पॉडकॉस्ट, वीडियो लेक्चर, आंतरिक मूल्यांकन एक क्लिक पर हो जाएगा। इस सिस्टम में तकनीकी सहायता के लिए प्रशासन बाहरी एजेंसी की मदद लेगा। चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक डॉ. पायल मागो ने बताया कि पढ़ाई में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रचलन काफी बढ़ गया है। विद्यार्थियों को प्रिटेंड सामग्री तो दे पा रहे हैं, लेकिन डिजिटल के जमाने में छात्रों को हर मोड में पढ़ाई करना जरूरी है। इसके लिए लर्निंग मैनेजमेेंट सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
इसके माध्यम से वह ऑनलाइन ही लिखित सामग्री से पढ़ाई कर सकेंगे, पॉडकॉस्ट से लेक्चर को सुन सकेंगे, वीडियो लेक्चर बार-बार देख सकेंगे। वहीं इस साल से शुरू होने वाला आंतरिक मूल्यांकन भी ऑनलाइन हो जाएगा।
एक-एक चैप्टर का पॉडकॉस्ट किया जाएगा
डॉ. मागो ने कहा कि यूजी-पीजी के सभी कोर्सेज को इस सिस्टम के तहत लाना है। अभी फिलहाल पहले सेमेस्टर के कोर्सेज से शुरूआत करेंगे। दिसंबर तक पहले सेमेस्टर के 50 फीसदी हिस्से को पॉडकॉस्ट पर लांच करने की तैयारी कर रहे हैं। एक-एक चैप्टर का पॉडकॉस्ट किया जाएगा। इससे छात्र कहीं भी होगा तो वह अपनी अध्ययन सामग्री को पॉडकॉस्ट पर सुन सकेगा। इससे छात्रों को पाठों का अभ्यास करने में भी आसानी होगी। यह सब कुछ क्लाउड स्पेस पर होगा।
सिस्टम को लांच करने में एक साल लगेगा
अभी एसओएल के यूजी व पीजी के करीब पांच लाख छात्रों को ऑनलाइन लेक्चर, वीडियो लेक्चर की सुविधा दी जाती है। लेकिन वह एक तरह की रिकॉर्डिंग होती है। निदेशक का कहना है कि कोशिश क्लास का वास्तविक अनुभव कराने की है।
लिहाजा सभी सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। वीडियो लेक्चर कैप्सूल के रुप में होंगे। डॉ. मागो ने बताया कि अभी इन सभी सुविधाओं को पूरा करने में करीब एक साल का समय लगेगा। सिस्टम के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा।
घर बैठे हो जाएगा ऑनलाइन असेसमेंट
इस सिस्टम के आने से छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन भी ऑनलाइन हो जाएगा। उन्हें ऑनलाइन असाइनमेंट दे दिए जाएंगे, उन्हें ऑनलाइन ही जमा कराना होगा। इस व्यवस्था के आने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता भी स्थापित होगी। हाल में एसओएल में आंतरिक मूल्यांकन करने की व्यवस्था को मंजूरी मिली है।