दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव (डूसू) को राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश की प्राथमिक पाठशाला कहा जाता है। यहां से कई ऐसे धुरंधर नेता निकले हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। डूसू से लेकर नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा तक का सफर तय किया है। इनमें अरुण जेटली, अजय माकन, विजय गोयल, अमृता धवन, सुभाष चोपड़ा, रोहित चौधरी, अलका लांबा, विजय जौली, अनिल झा जैसे नाम प्रमुख हैं।
दिल्ली विवि में छात्र संघ चुनावों की शुरुआत 1954 में हुई थी। दिवंगत नेता अरुण जेटली डूसू अध्यक्ष रहे हैं, बाद में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। एबीवीपी से 1978 में डूसू के अध्यक्ष बने विजय गोयल भी इस समय राजनीति में चर्चित चेहरा हैं।
वर्ष 2008-09 में एबीवीपी से डूसू अध्यक्ष बनी नुपुर शर्मा बीजेपी दिल्ली की प्रवक्ता हैं। इसी संगठन से पूर्णिमा सेठी व अनिल झा ने भी छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर तय किया है।
एनएसयूआई की बात करें तो यहां से अजय माकन, सुभाष चोपड़ा, अलका लांबा, शालू मलिक, अमृता धवन, रोहित चौधरी जैसे छात्र नेताओं ने राष्ट्रीय राजनीति में भी मुकाम हासिल किया। 1986 में डूसू अध्यक्ष रहे अजय माकन दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे।
1971 में डूसू अध्यक्ष बने सुभाष चोपड़ा भी विधानसभा तक पहुंचने में सफल रहे।
1995 में डूसू अध्यक्ष रहीं अलका लांबा आम आदमी पार्टी से विधायक बनीं। अब फिर से उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। 2006 में अध्यक्ष बनीं अमृता धवन ने बाद में पार्षद चुनी गईं। रोहित चौधरी एनएसयूआई से 2003-04 में डूसू अध्यक्ष बने, वर्तमान में वह एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव हैं।