दिल्ली विश्वविद्यालय में चौथी लिस्ट के लिए दाखिले की दौड़ बुधवार को थम गई। अब लगभग सभी कॉलेजों में सामान्य श्रेणी के लिए सभी कोर्सेज में सीटें भर चुकी हैं, लेकिन नाम वापस लेने (दाखिला रद्द) कराने के चलते कुछ जगह एक-दो कोर्सेज में कुछ सीटों पर दाखिले के विकल्प पांचवीं कटऑफ में खुल सकते हैं। हालांकि, कुछ कॉलेजों में एससी/एसटी, पीडब्ल्यूडी की सीटें जरूर खाली हैं।
आत्माराम सनातन धर्म (एआरएसडी) कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. ज्ञानतोष झा कहते हैं कि पांचवीं लिस्ट में सामान्य के लिए मौके नहीं के बराबर हैं। इक्का-दुक्का सीट के लिए कुछ कोर्सेज को दोबारा खोलना पड़ सकता है। कॉलेज में आरक्षित श्रेणी के लिए कुछ सीटें अब भी हैं। कुछ कॉलेजों में स्थिति यह है कि पांचवीं लिस्ट में सामान्य सीट पर कोई दाखिला रद्द कराता है, तभी दाखिले का चांस मिल सकेगा। पांचवीं कटऑफ में दाखिला रद्द कराने का रिस्क कतई ना लें। जिस कॉलेज में जिस भी कोर्स में दाखिला मिले, वहां दाखिला ले लें। आरक्षित श्रेणी के दाखिलों की गुंजाइश रहेगी।
श्री अरबिंदो कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विपिन अग्रवाल कहते हैं कि उनके यहां चौथी कटऑफ के अंतिम दिन (बुधवार) को ज्यादा भीड़ नहीं थी। महज 40 दाखिले हुए और 8 दाखिले रद्द कराए गए। पांचवीं कटऑफ में सामान्य के लिए चांस नहीं है। कुछ एक कोर्सेज बीकॉम व अंग्रेजी-ऑनर्स को 0.25 फीसदी कटऑफ के साथ खोलना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए भी होगा कि डीयू के प्रोफेशनल कोर्स बीएमएस व सीए के कॉमन प्रोफिशेंसी का रिजल्ट जारी हो गया है, जिस कारण कुछ दाखिले रद्द कराए जाएंगे। दो-चार सीटें खाली होंगी।
आर्यभट्ट कॉलेज में भी बुधवार को सामान्य श्रेणी, ओबीसी, एससी/एसटी श्रेणी में हिंदी, ईको, हिस्ट्री-ऑनर्स, बीए प्रोग्राम व अंग्रेजी-ऑनर्स में दाखिले बंद होंगे। साइकोलॉजी-ऑनर्स मेें कुछ दाखिले रद्द हुए हैं। इसलिए पांचवीं कटऑफ में इस कोर्स के लिए दाखिले खुल सकते हैं। मालूम हो कि डीयू में लगभग 62 हजार सीटों के लिए लगभग 64 हजार दाखिले हो गए हैं। प्रिंसिपल की सलाह है कि 20 जुलाई को जारी होने वाली पांचवीं कटऑफ लिस्ट में यदि नंबर आ जाए तो विद्यार्थियों को तुरंत दाखिला लेना चाहिए। दाखिला रद कराने की ना सोचें।
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