दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भतीजे विनय बंसल की जमानत याचिका दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने खारिज कर दी है। बता दें कि लोक निर्माण विभाग में घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय खनगवाल ने विनय बंसल को दो दिन की पुलिस हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दी थी। अब कोर्ट ने विनय की कस्टडी को 14 दिन के लिए और बढ़ा दिया है।
विनय पर आरोप है कि उसने लोक निर्माण विभाग की सड़कों और सीवर के ठेके में धांधली की है और फर्जी बिलों के आधार पर विभाग को करीब 10 करोड़ रुपए की चपत लगाई है। एक गैर सरकारी संगठन की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने इसकी जांच शुरू की थी।
सुनवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) के वकील ने कोर्ट में कहा कि बंसल से पूछताछ कर ली गई है, फिलहाल उनकी कस्टडी की जरूरत नहीं है। बंसल के वकील बीएस जून ने जमानत देने की मांग करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को न्यायिक हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने हमेशा जांच में सहयोग किया है। वह कहीं भागकर जाने वाले नहीं हैं। उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।
केजरीवाल के दिवंगत रिश्तेदार सुरेन्द्र बंसल के बेटे विनय को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दस मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने तब बंसल को तीन दिनों के लिए एसीबी की हिरासत में भेजे जाने के आवेदन को खारिज करते हुए कहा था कि सेहत के लिहाज से उनकी हालत ठीक नहीं है। अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेजते हुए दिन में दो बार घर का बना खाना खाने तथा अपने साथ दवाएं एवं डॉक्टर की पर्ची ले जाने की अनुमति दी थी।