कोरोना की दूसरी लहर से निकली दिल्ली में अब संक्रमण कोरोना काबू में आ गया है। ऐसे में दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। 14 अस्पतालों और 6 कोविड केंद्रों में संक्रमितों के लिए आरक्षित किए गए बेड की संख्या को घटाकर 35 से 40 फीसदी कर दिया है। इसमें लोकनायक, जीटीबी जैसे बड़े अस्पताल भी शामिल हैं।
इन अस्पतालों में अब अन्य मरीजों का भी इलाज शुरू किया जाएगा।दिल्ली सरकार के मुताबिक, इन अस्पतालों में काफी समय से कोविड के बेड खाली हैं। अब संक्रमण से हालात काबू में है। इसको देखते हुए बेड कि संख्या घटाई गई। कोविड मरीजों के लिए जो बेड आरक्षित हैं उनके अलावा बचे बेड पर नॉन कोविड मरीजों को इलाज दिया जाएगा। डि-एस्कलैशन कमेटी ( स्थिति प्रबंधन समिति) ने इन 14 अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित बेड घटाने की सिफारिश की थी। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है। अस्पतालों में संक्रमितों के लिए आरक्षित आईसीयू बेड को भी कम किया गया है।
पिछले करीब दो सप्ताह से अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए आरक्षित 90 फीसदी बेड खाली थे, लेकिन यह अस्पताल कोविड विशेष थे। इस कारण यहां अन्य मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा था। अब सरकार ने आरक्षित बेड कम कर दिए हैं। इससे अन्य मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
निजी अस्पतालों में भी कम हुए आरक्षित बेड
सरकार के आदेश के मुताबिक, 100 से अधिक बेड वाले सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम भी अपने यहां कोविड आरक्षित बेड कि संख्या को घटाकर 30 फीसदी तक कर सकते हैं। अस्पतालों से यह भी कहा गया है कि संक्रमण के बढ़ने कि स्थिति में उन्हें बेड कि संख्या को बढ़ाना होगा। पहले निजी अस्पताल में 80 फीसदी बेड आरक्षित थे। अब निजी अस्पतालों में 50 फीसदी बेड पर नॉन कोविड मरीजों का इलाज किया जा सकेगा।
इन अस्पतालों में कम किए गए
दिल्ली के सबसे बड़े कोविड अस्पताल लोकनायक में 2 हजार बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित थे। अब यहां 700 बेड इन रोगियों के लिए रखे गए हैं। इसके साथ 700 आईसीयू बेड भी रहेंगे। लोकनायक के साथ रामलीला मैदान में बना अस्थाई अस्पताल में जोड़ा गया है। इसमें 500 बेड है। जीटीबी में 1500 बेड थे, जिसमें अब 600 सामान्य और 550 आईसीयू बेड आरक्षित रहेंगे। इसके अलावा , राजीव गांधी सुपरस्पेशयलिटी अस्पताल में 150, बुराड़ी अस्पताल में 300, आंबेडकर नगर अस्पताल में 200, बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल में 100, दीन दयाल अस्पताल में 100, संजय गांधी अस्पताल में 100,इंदिरा गांधी अस्पताल में 250 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे।
यहां नहीं है एक भी बेड आरक्षित
दिल्ली सरकार के जनकपुरी सुपरस्पेशयलिटी अस्पताल,गुरुनानक अस्पताल और सत्यवादी राजा हरिंशचंद्र अस्पताल में अब कोरोना के इलाज के लिए एक भी बेड आरक्षित नहीं रहेगा।