प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करने की पहली जिम्मेदारी इसके उत्पादकों, आयातकों व ब्रांड मालिकों की होगी। छह महीने के भीतर इनको प्लास्टिक अपशिष्ट संग्रहण योजना बनाकर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को देनी होगी। प्लास्टिक उत्पादों के नए उद्योग लगाने और पहले से चल रहे उद्योगों के लाइसेंस नवीनीकरण के आवेदन के दौरान भी संग्रह की विस्तृत योजना निश्चित रूप से प्रस्तुत करनी होगी। एमसीडी के नए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन कानून में प्लास्टिक कचरे को लेकर ऐसी कई महत्वपूर्ण नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
केंद्रीय पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत मार्च 2016 में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम को मंजूरी दी थी। इस अधिनियम में समय-समय पर जरूरी बदलाव हुए। दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग ने 2021 में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन उप नियम का ड्राफ्ट तैयार किया। संबंधित हितधारकों की आपत्तियों और सुझावों को इसमें शामिल किया। अगस्त 2021 में दिल्ली में इसे लागू कर दिया गया। इसके बाद दिल्ली नगर निगम ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन उप नियम 2021 पर नए सिरे से हितधारकों की आपत्तियां और सुझाव लिए। निगम ने मंगलवार को हुई सदन की मीटिंग में अपने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन उप नियम 2023 को मंजूरी प्रदान की। इसे कड़ाई से लागू कराने की योजना भी बनाई है।
अधिसूचना के छह महीने के भीतर बनानी होगी कार्ययोजना
उत्पादकों, आयातकों और ब्रांड मालिकों को नए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन कानून की अधिसूचना जारी होने के छह महीने के भीतर कचरे के संग्रह की योजना डीपीसीसी के पास प्रस्तुत करनी है और दो साल के भीतर इसे लागू करना होगा। बहुस्तरीय प्लास्टिक (पाउच, शैशे इत्यादि) का कोई वैकल्पिक उपयोग नहीं है। ऐसे प्लास्टिक कचरे को इन्हें दो साल के भीतर चरणबद्ध तरीके से खत्म करना होगा। बिना प्रदूषण के इसे कैसे खत्म करना है, इनकी जिम्मेदारी होगी। डीपीसीसी से पंजीकरण कराए बिना ये प्लास्टिक वस्तुओं की पैकेजिंग व निर्माण नहीं कर पाएंगे।
नए सिरे से डाटा तैयार करेगा निगम
कैरी बैग, प्लास्टिक शीट, प्लास्टिक कवर के निर्माण, कच्चे माल के रूप में उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक की आपूर्ति करने वाले आयातकों, ब्रांड मालिकों का एमसीडी नए सिरे से डाटा इकट्ठा करेगा। सिंगल यूज प्लास्टिक वाले उत्पादों और इसके निर्माण पर निगम की पैनी नजर रहेगी। ऐसा करते पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का विधान है। निगम दिल्ली वासियों को प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक करने का कार्यक्रम जारी रखेगा।
निगम के रिसाइकल सेंटरों पर जमा करें प्लास्टिक कचरा
वार्डों में प्लास्टिक कचरे को जमा करने, रिसाइकिल करने के लिए कम्यूनिटी वेस्ट कलेक्शन सेंटर, मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), ड्राई वेस्ट कलेक्शन सेंटर खोले गए हैं, यहां लोग अपने प्लास्टिक कचरे को जमा कर सकते हैं। निगम अपनी इन सुविधाओं का विस्तार करेगा।