गोविंदपुरी इलाके के रविदास मार्ग पर बुधवार रात तीन भाइयों पर हमले के मामले में पुलिस की खींचतान सामने आई। रविदास मार्ग पर मछली मार्केट के पास एक जगह पर खून पड़ा हुआ था। ऐसे में कालकाजी व गोविंदपुरी थाना पुलिस इलाके को लेकर आपस में लड़ने लगीं।
एक ही सब-डिवीजन की होने के बावजूद दोनों थाना पुलिस में रात दो बजे तक बहस चलती रही, जबकि सीनियर पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे। आखिरकार रात दो बजे तय हुआ कि गोविंदपुरी थाना पुलिस मामले की जांच करेगी। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रविदास मार्ग पर तीनों भाइयों को घायलावस्था में देखकर राहगीरों ने पुलिस को 100 नंबर पर कॉल की।
सूचना मिलने पर कालकाजी व गोविंदपुरी थाना पुलिस के अधिकारियों के अलावा जिले के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। घटनास्थल नजदीक होने पर कालकाजी थाने से इंस्पेक्टर नितिनपाल सिंह, योगेश पाल, एसआई रवि, हवलदार दिनेश चहल व सोनपाल पहुंच गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद ये तय होना शुरू हुआ कि मामले की जांच कौन करेगा। रविदास मार्ग के दोनों कैरिज्वे गोविंदपुरी थाने में आते हैं। इस हिसाब से मामला गोविंदपुरी थाने का बनता है। इसके अलावा तारा अपार्टमेंट से गोविंदपुरी जाते हुए बाएं तरफ फुटपाथ पर काफी मात्रा में खून पड़ा हुआ था।
ये फुटपाथ कालकाजी थाना इलाके में पड़ता है। फिर कहा जाने लगा कि मामले की जांच कालकाजी थाना पुलिस करेगी। पता लगा कि दोनों पक्षों में झगड़ा भूमिहीन कैंप के पास हुआ। जब दोनों थाना पुलिस आपस में लड़ रहीं थीं तो कालकाजी एसीपी प्रदीप सिंह समेत जिले के सीनियर पुलिस अधिकारी मौके पर थे। दोनों थाने के पुलिस अधिकारी सीनियर अधिकारियों को एक-दूसरे की शिकायत करते हुए देखे गए।