बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे को बुलाया जाना तमिलभाषी नागरिकों का अपमान और नाइंसाफी है।
यह कहते हुए दिल्ली तमिल यूथ फोरम के बैनर तले जंतर-मंतर पर धरना दे रहे लोगों ने भारत में बनने जा रही सरकार के निमंत्रण के फैसले पर आक्रोश व्यक्त किया।
साथ ही तमिलनाडु से निर्वाचित सांसदों से शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करने की मांग की। इस संबंध में फोरम के सचिव के लेनिन ने कहा कि राजपक्षे एक युद्ध अपराधी हैं।
वे हजारों तमिलों के हत्या के लिए जिम्मेदार हैं। ऐसे में उन्हें इस समारोह में शामिल नहीं होने दिया जाना चाहिए।