इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी है। हालांकि कीमत अधिक होने की वजह से लोग अभी भी पेट्रोल-डीजल वाहनों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं, लेकिन साल के अंत तक दिल्ली में ई-वाहनों की बिक्री की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। ई वाहनों की बिक्री से प्रदूषण स्तर में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि 15 लाख से अधिक कीमत की कारों पर सब्सिडी का फायदा नहीं मिल रहा है।
टाटा और महिन्द्रा की कार जबकि ओकिनावा, हीरो, एमटीएस के टू व्हीलर की बिक्री हो रही है। ई वाहनों के विक्रेताओं का कहना है कि कार की कीमत अधिक होने और चार्जिंग स्टेशन की बुनियादी सुविधाएं जैसे जैसे बेहतर होंगी बिक्री में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
मोती नगर स्थित टाटा के शोरूम के एक मैनेजर ने बताया कि एक महीने में 19 कारें बिकी जबकि फेस्टिवल सीजन होने की वजह से बिक्री की रफ्तार पहले से बढ़ी है। महावीर इंक्लेव स्थित टू व्हीलर विक्रेता का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग धीरे धीरे बढ़ रही है। अब धीरे धीरे लोग इसे पसंद भी करने लगे हैं।
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए लोगों की कोशिश है कि ई स्कूटर का अधिक से अधिक इस्तेमाल हो ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। सात अगस्त से अक्तूबर के आखिर तक करीब दो हजार ई वाहनों की बिक्री हो चुकी है। हालांकि अभी भी ई रिक्शा की संख्या 90 फीसदी से अधिक है।
वाहनों को किया जा रहा है प्रोत्साहित
इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन के लिए दिल्ली सरकार की ओर से न केवल वितीय सहायता दी जा रही है बल्कि बुनियादी सुविधाएं भी बेहतर करने की कोशिशें जारी है। चार्जिंग स्टेशनों की संख्या में बढ़ोतरी से वाहनों को चार्ज करने में परेशानी नहीं आएगी, इससे वाहन खरीदारों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी।