पीतमपुरा के एक स्कूल के कक्षा बारहवीं के छात्रों ने एक रोबोट का आविष्कार किया है। यह स्वास्थ्य कर्मियों और कोविड-19 से प्रभावित मरीजों के बीच संपर्क को कम करने में मदद कर सकता है। छात्रों द्वारा निर्मित प्रोटोटाइप पृथ्वी रोबोट मरीजों को भोजन और दवाइयां वितरित करने में मददगार साबित हो सकता है।
सरकार ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन किया है। इसी बीच छात्र निशांत चांदना, सौरव महेशकर और आदित्य दुबे ने ये रोबोट तैयार किया है। इन छात्रों का कहना है कि भारत में कोरोनो वायरस से प्रभावित मरीजों का इलाज करने के दौरान पचास से ज्यादा डॉक्टरों को भी संक्रमण का शिकार होना पड़ा है।
ऐसे में हमने ये रोबोट डिजाइन किया है। जिसे स्मार्टफोन में एक एप डाउनलोड कर दूर से नियंत्रित किया जा सकता है। इस रोबोट से स्मार्ट टैबलेट को जोड़कर डॉक्टरों और मरीजों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी की जा सकती है। सौरव महेशकर ने बताया कि उन्होंने अपनी स्कूल शिक्षिका के सुझाव के बाद एक हफ्ते के भीतर इस रोबोट को तैयार किया है। भविष्य में वह कंप्यूटर विज्ञानिक बनना चाहते हैं।