सोनिया विहार में घर से परीक्षा देने निकला एक छात्र संदिग्ध हालात में लोनी के खन्ना नगर में झुलस गया। उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मौत हो गई। छात्र की पहचान गौरव (15) के रूप में हुई। परिजनों ने पड़ोसियों पर अगवा कर हत्या करने का आरोप लगाया है।
दरअसल गौरव की मां ने घर के सामने चल रही केमिकल की अवैध फैक्टरी को शिकायत देकर बंद करवाया था। इस बात पर आरोपी परिवार गौरव के परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा था। परिवार का आरोप है कि उन लोगों ने ही वारदात को अंजाम दिया है। वारदात के 15 दिन बाद बड़ी मुश्किल से सोनिया थाना पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया है। वहीं मामले पर जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की का कहना है कि शुरुआती जांच के बाद ऐसा लग रहा है कि छात्र ने खुद ही आग लगाकर जान दी। छानबीन जारी है, चूंकि घटना यूपी में हुई है, इसलिए यूपी पुलिस से भी बातचीत कर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। वहीं परिवार पुलिस की थ्योरी को मानने के लिए तैयार नहीं है।
गौरव परिवार के साथ सोनिया विहार की 20 फुटा रोड पर रहता था। परिवार में पिता विनोद कुमार के अलावा मां किरण व तीन बहनें हैं। गौरव सभापुर के सरकारी स्कूल में नौवीं का छात्र था। 12 मार्च की दोपहर को गौरव का पेपर था। वह दोस्त के साथ पेपर देने निकला। डेढ़ घंटे बाद परिवार को पता चला कि घर से पांच-छह किलोमीटर दूर खन्ना नगर में गौरव झुलस गया है। उसे जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 मार्च को मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि गौरव का दोस्त उसे स्कूल न ले जाकर खन्ना नगर ले गया, वहां उसके साथ पहले मारपीट की गई, बाद में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी।
यूपी पुलिस ने मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की। इधर परिजन पुलिस आयुक्त से लेकर तमाम अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर लगाते रहे। काफी प्रयास के बाद दिल्ली पुलिस ने 27 मार्च को सोनिया विहार थाने में गौरव को अगवा करने का मामला दर्ज किया। परिजनों का कहना है कि यदि गौरव को आत्महत्या ही करनी थी तो इतनी दूर क्यों गया।