मेट्रो की सभी सीटों पर सफर की इजाजत मिलने से यात्रियों ने राहत की सांस ली है। सुबह से लगातार हो रही बारिश और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से खड़े होकर सफर करने पर पाबंदी का असर बुधवार को मेट्रो में दिखा। भीड़ थोड़ी कम रही तो मेट्रो में उदघोषणा के बाद अधिकतर यात्रियों ने सीट पर बैठकर यात्रा की।
नियमों का पालन न करने वालों पर डीएमआरसी की टीमों की लगातार निगाहें बनी हुई थीं। ब्लू लाइन, येलो लाइन पर अधिकतर यात्री सीटों पर ही सफर करते नजर आए। रेड लाइन पर सुबह के वक्त कुछ यात्रियों नियमों को भूलकर सफर करते नजर आए। दिल्ली मेट्रो में 50 फीसदी सीटों पर सफर करने की सुविधा को 100 प्रतिशत करने के बाद भी यात्रियों में संशय की स्थिति बनी रही। कई जगहों पर यात्रियों ने एक सीट छोड़कर बैठना बेहतर समझा तो कुछ यात्रियों ने संक्रमण से बचने के लिए खड़े होकर सफर करना बेहतर समझा।
नियमों की अनदेखी पर लगातार हो रही है कार्रवाई
मेट्रो में नियमों का पालन न करने वाले यात्रियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। रोजाना यात्रियों को जुर्माना किया जा रहा है। नियमों का पालन न करने वालों पर डीएमआरसी की टीमें लगातार नजर रख रही हैं। इसके तहत सैकड़ों यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों पर उतारा जा रहा है।
शाम के वक्त बढ़ गई भीड़
मेट्रो स्टेशनों के बाहर यात्रियों की बुधवार को कम भीड़ रही। इस वजह से प्रमुख स्टेशनों को छोड़कर अधिकतर स्टेशनों पर सुबह के वक्त भी यात्रियों को कम इंतजार करना पड़ा। हालांकि शाम के वक्त एक बार फिर मेट्रो में यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। इससे उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में फिर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बस स्टॉप पर भी करना पड़ा यात्रियों को इंतजार
बसों की कम संख्या और सौ फीसदी क्षमता के बाद भी 35-36 यात्री सफर कर सकते हैं। सुबह और शाम के वक्त यात्रियों को बस स्टॉप पर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। शुरुआती स्टॉप पर सवार न होने वालों को बाद में स्टॉप पर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कुछ बस स्टॉप के पास जलभराव होने की वजह से भी यात्रियों को दिक्कत आई। हालांकि बसों में अभी भी कुल क्षमता का 30-35 फीसदी जबकि मेट्रो में 20 फीसदी यात्री ही सफर कर पा रहे हैं।