माता-पिता व बड़ा भाई विशाल को नसीहत देते हुए काम करने के लिए कहते थे। इस बात से वह बड़े भाई व माता-पिता से नाराज रहता था। सोमवार सुबह करीब 6.00 बजे विशाल का पिता से किसी बात पर विवाद हो गया।
आरोप है कि विशाल तुरंत रसोई में पहुंचा और वहां से उसने बड़ा चाकू उठाया और पिता पर ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया। देवेंद्र के चिल्लाने की आवाज सुनकर मंजू भी वहां पहुंच गई। उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसके भी पेट छाती, हाथ में चाकू के कई वार कर दिए।
माता-पिता को आधा दर्जन से अधिक चाकू मारने के बाद वह ऊपर बड़े भाई को भी चाकू लेकर धमकाने पहुंचा। वह भाई के दरवाजे पर पहुंचा और उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। भाई ने दरवाजा बंद कर जान बचाई। इसके बाद विकास ने 6.33 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। विशाल को घर से ही काबू कर लिया गया। देवेंद्र को पेट, छाती, हाथ गर्दन में आधा दर्जन से अधिक चाकू लगे थे, मंजू का भी यही हाल था। अस्पताल ले जाने पर देवेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। मंजू की हालत देखकर उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
ईस्ट विनोद नगर में माता-पिता की हत्या की सूचना जंगल में आग की तरह फैल गई। जिसने भी हत्या की बात सुनी वह घटनास्थल की ओर भागा। दिनभर विशाल के घर के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुटी हुई थी। पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया।
क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस विकास व विशाल से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विशाल नशे में तो नहीं था।
काम न करने की वजह से हो गया था विशाल चिड़चिड़ा...
विशाल के परिजनों ने बताया कि विशाल का मिजाज चिड़चिड़ा था। अब लॉकडाउन में काफी समय तक बेरोजेबार रहा। ऐसे में वह और चिड़चिड़ा हो गया था। माता-पिता के अलावा भाई-भाभी भी उससे काम करने और नशा न करने के लिए कहते रहते थे। इस बात से वह काफी चिढ़ता था। अक्सर उसका माता-पिता से छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होता था। सोमवार सुबह भी उसने पिता से कुछ रुपये मांगे थे। मना करने वह पिता के साथ गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया।